खाद्य और औषधि विभाग का बड़ा अभियान: नकली दवाओं पर शिकंजा, 862 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, 5 कंपनियों पर केस दर्ज

देहरादून, 9 नवंबर 2024 – उत्तराखंड के खाद्य संरक्षा और औषधि नियंत्रण प्रशासन ने नकली दवाओं और अवैध ड्रग निर्माण के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। विभाग ने पिछले एक साल में 862 स्थानों पर छापेमारी करते हुए कई संदिग्ध सैंपल जब्त किए। विभागीय कार्रवाई में दो कंपनियों के लाइसेंस निरस्त किए गए, 72 कंपनियों के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई और पांच कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
सहसपुर में फर्जी फैक्ट्री का भंडाफोड़
देहरादून के सहसपुर स्थित लांघा रोड पर ग्रीन हर्बल कंपनी में अवैध दवाओं का निर्माण हो रहा था। सूचना पर औषधि विभाग, पुलिस और नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री से 1921 कैप्सूल, 592 बोतलें सिरप और 342 खाली रैपर बरामद किए।
इस मामले में फैक्ट्री संचालक संजय कुमार, शिव कुमार, और रहमान को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी कन्हैया और ऋषभ फरार हैं। फैक्ट्री के पास केवल फूड लाइसेंस था, लेकिन वहां साइकोट्रॉपिक दवाओं का अवैध निर्माण किया जा रहा था। बरामद दवाओं को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है।
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साइकोट्रॉपिक दवाओं के नाम पर नशे का खेल
ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने बताया कि फैक्ट्री में जिन दवाओं का निर्माण हो रहा था, वे साइकोट्रॉपिक थीं, जिनका अधिक सेवन नशे का कारण बन सकता है। इन दवाओं का उपयोग नशे के विकल्प के रूप में किया जा रहा था। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
विभागीय कार्रवाई: आंकड़े
- छापेमारी: 862 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी।
- लाइसेंस निरस्तीकरण: 2 कंपनियों के लाइसेंस रद्द, 11 दवा निर्माता कंपनियों के लाइसेंस निलंबित।
- कानूनी कार्रवाई: 5 कंपनियों पर आपराधिक मामले दर्ज।
- लाइसेंस सस्पेंशन: कुमाऊं में 81 लाइसेंस निलंबित।
- सीलिंग: 6 कंपनियों के परिसरों को सील किया गया।
नशे और नकली दवाओं पर जीरो टॉलरेंस
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशानुसार, अवैध दवाओं के निर्माण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नकली दवाओं के व्यापार में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।