उत्तराखंड: डोभ में बनने वाला राजकीय नर्सिंग कॉलेज अब अंकिता भंडारी के नाम से जाना जाएगा

उत्तराखंड सरकार ने डोभ में प्रस्तावित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय अंकिता भंडारी की स्मृति को सम्मान देने और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक स्थायी पहचान स्थापित करने की दिशा में लिया गया है।
शासन स्तर पर जारी आदेश के अनुसार नर्सिंग कॉलेज का नाम अब “राजकीय अंकिता भंडारी नर्सिंग कॉलेज, डोभ” होगा। अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज से जुड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाए जाएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अंकिता भंडारी के नाम से जुड़ी सामाजिक संवेदनशीलता भी बनी रहेगी।
इसी बीच, बहादराबाद थाने में दर्ज एक मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर गुरुवार को हरिद्वार लौटे। ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
राठौर ने स्पष्ट किया कि पूर्ण न्याय मिलने तक वे भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने इसे अपना निजी संकल्प बताया। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का माहौल जानबूझकर बिगाड़ा गया और इस मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया।
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वायरल ऑडियो को लेकर पूर्व विधायक ने निष्पक्ष और तकनीकी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए आवाज तैयार करना संभव है, इसलिए सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है। उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वे करीब 11 दिनों तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे।


