अंकिता हत्याकांड: देहरादून में कल मशाल जुलूस, 11 जनवरी को प्रदेशव्यापी बंद का ऐलान

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विभिन्न संगठनों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठनों ने मामले में कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग दोहराई है। इसी क्रम में 10 जनवरी को देहरादून के गांधी पार्क से मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 11 जनवरी को पूरे प्रदेश में बंद का आह्वान किया गया है।
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत ने कहा कि जब तक मामले से जुड़े कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों और अंकिता व उसकी मित्र के बीच हुई बातचीत में वीआईपी का उल्लेख मिलता है। इसके बावजूद सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
विभिन्न संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि हर दिन मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि वनंतरा रिजॉर्ट में साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश किसके निर्देश पर हुई। उन्होंने इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने मुख्यमंत्री पर मुद्दे को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच को अंकिता के माता-पिता की इच्छा से जोड़ने का बयान न्याय में देरी की कोशिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देहरादून में अंकिता के माता-पिता के साथ हुई बैठक को औपचारिक कार्यक्रम बना दिया गया, जबकि मूल मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि जनता की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि अंकिता के भाई को सरकारी नौकरी देने और उसके नाम पर नर्सिंग कॉलेज खोलने जैसे आश्वासन अब तक पूरे नहीं हुए हैं। प्रेस वार्ता में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


