एशियन वाटरबर्ड जनगणना में उत्तराखंड में 5,806 प्रवासी पक्षी दर्ज

एशियन वाटरबर्ड जनगणना में उत्तराखंड में 5,806 प्रवासी पक्षी दर्ज

उत्तराखंड के आसन वेटलैंड में एशियन वाटरबर्ड जनगणना के तहत प्रवासी पक्षियों की गणना की गई। इस दौरान 126 प्रजातियों के कुल 5,806 प्रवासी पक्षी दर्ज किए गए। जनगणना में कई दुर्लभ और संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों की मौजूदगी भी सामने आई है।

यह गणना 40वीं अंतरराष्ट्रीय वाटरबर्ड जनगणना और 60वीं भारतीय वाटरबर्ड जनगणना के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, आसन वेटलैंड क्षेत्र में स्टेपी ईगल, कॉमन पोचार्ड, फेरुजिनस डक, इजिप्शियन वल्चर, पल्लास फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड स्टॉर्क और रिवर लैपविंग जैसी प्रजातियां देखी गईं।

जनगणना में रूडी शेलडक की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई। इस प्रजाति के कुल 983 पक्षी गिने गए। अधिकारियों ने बताया कि रूडी शेलडक की लगातार बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण ही आसन वेटलैंड को अंतरराष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल घोषित किया गया है।

जनगणना के समन्वयक संजय सोंधी ने बताया कि इस वर्ष के आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हैं। वर्ष 2024 की जनगणना में 118 प्रजातियों के 5,287 पक्षी दर्ज किए गए थे। इस बार प्रजातियों की संख्या और कुल पक्षियों की गिनती दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है।

इस जनगणना अभियान में उत्तराखंड वन विभाग, उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड, ईबर्ड इंडिया, एशियन वाटरबर्ड जनगणना टीमों के साथ कई शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया। इसके अलावा तितली ट्रस्ट, दून नेचर वॉक और वाइल्डलाइफ प्रिवेंशन सोसाइटी जैसे संगठनों की भी सहभागिता रही।

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अधिकारियों ने कहा कि एशियन वाटरबर्ड जनगणना से प्राप्त आंकड़े आसन वेटलैंड के दीर्घकालिक संरक्षण और निगरानी योजनाओं में सहायक होंगे। इससे वेटलैंड पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

Saurabh Negi

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