बदरीनाथ मार्ग पर भूस्खलन का खतरा, नंदप्रयाग के पास चारधाम यात्रा पर पड़ सकता है असर
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदप्रयाग के पास भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे आगामी चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सोनला और पीपलकोटी के बीच पार्थदीप भूस्खलन क्षेत्र अभी भी संवेदनशील बना हुआ है, जहां आंशिक सुरक्षा कार्यों के बावजूद स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।
राजमार्ग निर्माण से जुड़े अधिकारियों द्वारा करीब 60 मीटर क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य किया गया है, लेकिन लगभग 20 मीटर हिस्सा अभी भी कमजोर स्थिति में है। पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है और नीचे अलकनंदा नदी बहने के कारण खतरा और बढ़ गया है।
मैठाणा से पीपलकोटी तक लगभग 20 किलोमीटर का मार्ग अब पहले की तुलना में सुगम हुआ है, लेकिन नंदप्रयाग बाजार, चमोली चढ़ा, चमोली बाजार और बिरही चढ़ा जैसे क्षेत्रों में अधूरे पहाड़ कटान कार्य के चलते यातायात बाधित हो रहा है। यह कार्य सर्व मौसम सड़क परियोजना के तहत चल रहा है।
पार्थदीप भूस्खलन क्षेत्र में ढलान को स्थिर करने का कार्य जारी है, लेकिन बड़ी मात्रा में मलबा अब भी मौजूद है, जो वर्षा ऋतु में और खतरा बढ़ा सकता है। कई चीड़ के पेड़ भी उखड़कर मलबे के साथ गिर चुके हैं। सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं, लेकिन अस्थिर पहाड़ी से जोखिम बना हुआ है।
मैठाणा क्षेत्र में भूमि धंसाव की समस्या को भराव कार्य के जरिए ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन राजमार्ग धीरे-धीरे अलकनंदा नदी की ओर खिसकता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क पर डामरीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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छींका, बिरही, कौड़िया, मायापुर और गडोरा जैसे क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, जिससे यातायात में सुधार हुआ है। हालांकि कई स्थानों पर अधूरा पहाड़ कटान अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है, जो यात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने पर फिर से जाम और खतरे की स्थिति पैदा कर सकता है।
