बागेश्वर राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप संपन्न, उत्तराखंड के पायलटों का शानदार प्रदर्शन

बागेश्वर में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्युरेसी चैंपियनशिप का सोमवार को समापन हो गया। प्रतियोगिता में उत्तराखंड के पायलटों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया। देशभर से 92 पायलटों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 78 ने उड़ान में हिस्सा लिया, जबकि 55 पायलट सभी चार राउंड सफलतापूर्वक पूरे कर पाए।
भीमताल के पायलटों का प्रतियोगिता में दबदबा रहा। मनीष उप्रेती ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि मनीष भंडारी दूसरे और पंकज कुमार तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को क्रमशः एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 30 हजार रुपये की नकद राशि के साथ ट्रॉफी प्रदान की गई। पुरस्कार वितरण समारोह केदारनाथेश्वर मैदान में आयोजित किया गया।
चैंपियनशिप में पांच महिला पायलटों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें से चार कुमाऊं क्षेत्र से थीं। कुल मिलाकर उत्तराखंड से 34 पायलटों की भागीदारी रही, जो राज्य में एडवेंचर स्पोर्ट्स के बढ़ते रुझान को दर्शाती है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल ने कहा कि इस क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा करती हैं।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, सांसद प्रतिनिधि विक्रम शाही, मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी, उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमित पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष गीता ऐठानी, ब्लॉक प्रमुख भावना शाही और जिला पर्यटन अधिकारी पी के गौतम मौजूद रहे। प्रतियोगिता के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी पैराग्लाइडिंग उड़ान भरकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
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आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि बागेश्वर को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। फ्लाई हिमालय के जगदीश जोशी ने बताया कि पर्वतीय जलवायु पैराग्लाइडिंग के लिए अनुकूल है और आने वाले समय में जालेख से टेकऑफ और केदारनाथेश्वर मैदान में लैंडिंग के साथ नए आयोजन प्रस्तावित हैं।




