आज से (1 अप्रैल) से नया बजट लागू, इनकम टैक्स में बड़ी राहत, जानें क्या बदला

वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट आज (1 अप्रैल) से प्रभावी हो गया है। 1 फरवरी को संसद में पेश किए गए बजट की नीतियों और योजनाओं पर अब अमल शुरू होगा। टैक्स स्लैब में बदलाव, टीडीएस में छूट और कस्टम ड्यूटी में संशोधन जैसे अहम फैसले लागू हो गए हैं। हालांकि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं का असर दिखने में समय लगेगा।
बजट 2025 के 6 बड़े बदलाव
टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव
- 12 लाख तक की आय अब टैक्स फ्री होगी।
- 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह सीमा 12.75 लाख तक पहुंचेगी।
- 20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत और 24 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
- पहले 30 प्रतिशत टैक्स 15 लाख की आय पर लागू होता था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 24 लाख कर दी गई है।
TDS में छूट, रेंटल इनकम पर राहत
- रेंटल इनकम पर टीडीएस छूट 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी पर टीडीएस छूट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई।
- प्रोफेशनल सर्विस पर टीडीएस छूट 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई।
विदेश में पढ़ाई के लिए टीसीएस छूट
- अब 10 लाख रुपये तक की रकम भेजने पर कोई टीसीएस नहीं लगेगा।
- एजुकेशन लोन के तहत भेजी गई रकम पर भी टीसीएस नहीं लगेगा।
अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ी
- अब असेसमेंट ईयर के बाद 48 महीने तक अपडेटेड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।
- 36-48 महीने के बीच रिटर्न भरने पर 70 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगेगा।
ULIP निवेश पर टैक्स लागू
- 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के सालाना प्रीमियम वाले ULIP को कैपिटल एसेट माना जाएगा।
- मैच्योरिटी पर 12.5 प्रतिशत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स और 20 प्रतिशत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स लगेगा।
कस्टम ड्यूटी में बदलाव, कई चीजें सस्ती-महंगी
- सस्ते होंगे:
- 40,000 डॉलर से महंगी लग्जरी कारें
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और मोबाइल बैटरियां
- 36 लाइफ-सेविंग दवाएं
- महंगे होंगे:
- स्मार्ट मीटर, सौर सेल, पीवीसी बैनर
- आयातित जूते, एलसीडी/एलईडी टीवी
किन योजनाओं का लाभ तुरंत मिलेगा
- इनकम टैक्स छूट और सब्सिडी एक अप्रैल 2025 से लागू हो गई।
- किसान, महिला और रोजगार योजनाएं जून-जुलाई 2025 से शुरू होने की संभावना।
- सड़क, रेलवे, अस्पताल और स्कूल निर्माण परियोजनाएं लंबी प्रक्रिया के कारण देरी से लागू होंगी।
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बजट लागू होने की प्रक्रिया
- वित्त मंत्रालय बजट तैयार करता है।
- एक फरवरी को बजट संसद में पेश होता है।
- दोनों सदनों में चर्चा के बाद इसे मंजूरी मिलती है।
- विनियोग विधेयक पास कर सरकार को धन खर्च की अनुमति दी जाती है।
- फाइनेंस बिल के जरिए टैक्स से जुड़े बदलाव लागू होते हैं।
- राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद एक अप्रैल से यह बजट प्रभावी हो जाता है।
बजट 2025 का असर
- मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत मिलेगी।
- छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर बचत के नए अवसर।
- विदेश में पढ़ाई के लिए फंड ट्रांसफर आसान और सस्ता।
- कुछ चीजें सस्ती, कुछ महंगी।
- बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा।