चकराता में अप्रैल में बर्फबारी, तापमान गिरने से फिर लौटी ठंड

चकराता में अप्रैल में बर्फबारी, तापमान गिरने से फिर लौटी ठंड

चकराता के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में असमय हुई बर्फबारी ने अप्रैल में ही सर्दियों जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बुधवार को इस मौसम की पांचवीं बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तापमान में अचानक गिरावट आ गई और ठंड फिर से बढ़ गई।

मंगलवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद बुधवार सुबह करीब 11 बजे देवन, खडंबा, दुराणी, कावंतलानी और मोयला टॉप जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। मौसम के इस अचानक बदलाव से न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रहा।

इस बदलाव ने क्षेत्र के सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय बागवानों का कहना है कि इस महीने की शुरुआत में ओलावृष्टि से पहले ही फसलों को नुकसान हुआ है। अब बर्फबारी और ठंड ने स्थिति और गंभीर कर दी है।

बागवानों के अनुसार 6 हजार से 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सेब के बाग इस समय फूल आने की अवस्था में हैं, जिसके लिए स्थिर तापमान जरूरी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बर्फबारी और तापमान में गिरावट से फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा।

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जहां एक ओर बर्फबारी से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर इसने बागवानी पर मौसम की अनिश्चितता के खतरे को भी उजागर कर दिया है। यह स्थिति स्थानीय आजीविका पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है।

Saurabh Negi

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