जल संरक्षण पर सीएम धामी सख्त, जलधाराओं के पुनर्जीवीकरण और बांध परियोजनाओं में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सिंचाई, लघु सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक में प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर व्यापक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन और समृद्धि का आधार है, इसलिए राज्यभर में जल संचय और जलधाराओं, गाड़-गदेरों के पुनर्जीवीकरण के प्रयास तेज किए जाएं।
सीएम धामी ने शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल संचय को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई विभाग और नगर निगमों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राउंड वाटर रिचार्ज को प्राथमिकता दी जाए और पुराने तरीकों की जगह नवाचार पर ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेनेज की समस्याओं के समाधान, चैक डेम निर्माण और नहरों की बेहतर सफाई व मरम्मत से अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिले।
सीएम धामी ने सिंचाई विभाग और खनन विभाग को नदियों और जलाशयों में जमा सिल्ट और गाद की निकासी के लिए संयुक्त बैठक कर स्थायी समाधान निकालने को कहा।
समीक्षा में बताया गया कि जमरानी बांध परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें अब तक 678 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वहीं सौंग बांध परियोजना को मार्च 2030 तक पूरा करने की योजना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 61 सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को समय से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।