देहरादून में शिक्षा माफियाओं पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, निजी स्कूलों पर भी कसा शिकंजा

देहरादून में शिक्षा माफियाओं पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, निजी स्कूलों पर भी कसा शिकंजा

देहरादून, 4 अप्रैल 2025 – जिला प्रशासन ने शिक्षा माफियाओं और निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार डीएम सविन बंसल ने शिक्षा माफियाओं के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। शिक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए चार बड़े पुस्तक विक्रेताओं पर जीएसटी चोरी, बिल न देने और अनावश्यक सामग्री खरीदने के लिए विवश करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। इन दुकानों को सील कर प्राथमिकी दर्ज की गई।

एन मैरी स्कूल को प्रशासन के दबाव में फीस वृद्धि को 10% तक सीमित करना पड़ा, जबकि पहले 30% तक बढ़ोतरी की गई थी। अन्य निजी स्कूलों पर भी प्रशासन की सख्त निगरानी जारी है। डीएम ने स्पष्ट किया कि अगर किसी स्कूल ने नियमों का उल्लंघन किया तो उसका लाइसेंस रद्द कर स्कूल पर ताला जड़ दिया जाएगा।

नए निर्देश और फैसले

  • फीस वृद्धि पर रोक: शासनादेश के अनुसार तीन वर्षों में अधिकतम 10% ही फीस बढ़ाई जा सकती है।
  • पाठ्य-पुस्तकें और उत्तर पुस्तिकाएं: सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि कॉपी-किताबें खुले बाजार में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अभिभावक किसी भी विक्रेता से सस्ते दामों पर खरीद सकें।
  • विद्यालय गणवेश: सभी विद्यालयों को अपनी छात्र गणवेश की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने और खुले बाजार में सुलभ कराने के निर्देश दिए गए।
  • शुल्क वृद्धि अनुमोदन: प्रत्येक निजी विद्यालय को शैक्षिक सत्र में शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।

इसे भी पढ़ें – उत्तराखंड में घूसखोर कानूनगो गिरफ्तार: 40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया, विजिलेंस टीम ने तीन घंटे तक की पूछताछ

निजी स्कूलों को जारी निर्देश

  • एन मैरी स्कूल को बढ़ाई गई फीस को 10% तक सीमित करने और अधिक ली गई फीस को समायोजित करने का आदेश दिया गया।
  • समर वैली स्कूल को कक्षा 9 में प्रस्तावित शुल्क वृद्धि को 6% से अधिक न करने का निर्देश दिया गया।
  • सेंट जोसेफ स्कूल को तीन वर्षों में अधिकतम 10% से अधिक शुल्क वृद्धि न करने का निर्देश दिया गया।

प्रशासन की सख्ती के चलते निजी स्कूल अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। इसके चलते एन मैरी स्कूल को बढ़ाई गई फीस को 10% तक सीमित कर दिया है। फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के इस फैसले से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। डीएम ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी स्कूल ने नियमों का उल्लंघन किया तो सख्त कार्रवाई होगी।

 

Saurabh Negi

Share