देहरादून के इस गांव में शादी के नए नियम, शगुन ₹101 तय, बीयर पर पूरी तरह रोक

देहरादून के इस गांव में शादी के नए नियम, शगुन ₹101 तय, बीयर पर पूरी तरह रोक

शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ते फिजूलखर्च पर लगाम लगाने के लिए देहरादून के सहिया क्षेत्र के खट सिली गोठान गांव ने सख्त सामाजिक नियम लागू किए हैं। गांव की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि विवाह समारोह में अब केवल ₹101 का ही शगुन दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना और सादगी को बढ़ावा देना है।

यह बैठक बड़ानू गांव स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल के मैदान में आयोजित हुई, जिसमें खट से जुड़े 12 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता खट स्याणा मनजीत सिंह तोमर ने की। इसी बैठक में सभी गांवों में शादी और अन्य सामाजिक आयोजनों के दौरान बीयर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में केवल विवाह से जुड़े नियम ही नहीं, बल्कि पारंपरिक आयोजनों को लेकर भी अहम सहमति बनी। ग्रामीणों ने वर्ष 2027 में मस्राड़ गांव से शिलगुरु महाराज की पारंपरिक ‘जगड़ा बुरांश’ यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया। यह आयोजन हर 12 वर्ष में एक बार किया जाता है और इसका सामाजिक व धार्मिक महत्व माना जाता है।

इसके अलावा कई पुरानी परंपराओं की भी समीक्षा की गई और उन्हें समाप्त करने का फैसला लिया गया। पहली शादी में मायके पक्ष से टीका, बकरा, आटा, चावल और सूजी लाने की प्रथा पर रोक लगा दी गई है। इसी तरह खट गांवों की बेटियां अब इन आयोजनों में बकरा न देंगी और न ही लेंगी। रेणी भोज के दौरान चांदी के सिक्के और कपड़े देने की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है।

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ग्रामीणों ने साफ किया कि इन सामाजिक निर्णयों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार जैसी कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल समाज में समानता, सादगी और आर्थिक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

Saurabh Negi

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