हल्द्वानी: नवीन मंडी दोहरे हत्याकांड में चार आरोपी गिरफ्तार

हल्द्वानी की नवीन मंडी क्षेत्र में बुधवार रात एक युवक और युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों के शव गुरुवार सुबह अनाज मंडी के गोदामों के पास खून से लथपथ हालत में मिले। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गुरुवार शाम तक गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
सुबह करीब 6:45 बजे मंडी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों ने शव देखे और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से मिले आधार कार्ड के जरिए मृतकों की पहचान की गई। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए, जबकि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
पुलिस के अनुसार मृतक युवक की पहचान 31 वर्षीय शुभम टम्टा उर्फ गोलू के रूप में हुई, जो मूल रूप से अल्मोड़ा के लोअर माल रोड का निवासी था और वर्तमान में हल्द्वानी में रह रहा था। युवती की पहचान 19 वर्षीय लक्ष्मी पोखरिया के रूप में हुई, जो ओखलकांडा के पोखरी चकसेदुला गांव की रहने वाली थी। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मणिकांत टीसी ने बताया कि बुधवार रात शुभम और लक्ष्मी चार अन्य लोगों के साथ अनाज मंडी के एक गोदाम की छत पर पार्टी में शामिल हुए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। इसके बाद सभी नीचे आए, जहां आरोपियों ने कंक्रीट के ब्लॉक से शुभम के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, वारदात को देखते हुए लक्ष्मी की भी हत्या कर दी गई। आरोपी मृतकों के मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गए।
घटनास्थल से खून लगे कंक्रीट ब्लॉक, तीन खाली शराब की बोतलें और सिगरेट के अवशेष बरामद किए गए हैं। शवों का पैनल ऑफ डॉक्टर्स द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में मृतकों के परिजनों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर, दीपु शर्मा उर्फ ध्रुव, सौरभ भट्ट उर्फ भटिया और दीपेश लटवाल उर्फ राज को हत्या समेत अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गौरव नेगी के खिलाफ पहले से 11 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि दीपेश लटवाल पर तीन मामले दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम नशे का आदी था और पहले नशामुक्ति केंद्र में रह चुका था। वह कुछ समय तक एक पुनर्वास केंद्र में सुपरवाइजर के तौर पर काम कर चुका था, लेकिन चार महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। जांच के दौरान उसके हाथ पर इंजेक्शन के निशान भी पाए गए।
शुभम छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता किशोरी लाल अल्मोड़ा पोस्ट ऑफिस में कार्यरत थे, जबकि उसकी मां भागीरथी ग्राम प्रधान रह चुकी थीं। लक्ष्मी एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और हल्द्वानी में एक सर्जिकल स्टोर पर अंशकालिक काम करती थी।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।




