IMA में आखिरी बार केवल पुरुषों की परेड, अगले वर्ष पहली बार महिला कैडेट्स भी होंगी शामिल

देहरादून – देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में इस वर्ष की पासिंग आउट परेड ऐतिहासिक महत्व रखती है। 13 दिसंबर को होने वाली परेड आखिरी बार केवल पुरुष कैडेट्स के साथ आयोजित होगी। अगले वर्ष से IMA महिला कैडेट शामिल बदलाव लागू होगा और महिला अधिकारी कैडेट्स भी परेड में सम्मिलित होंगी। यह बदलाव 93 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन है।
अकादमी अधिकारियों के अनुसार, महिला कैडेट्स को प्रशिक्षण में शामिल करने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। आवास, प्रशिक्षण परिसर, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएँ, बैरक और अधिकारी मेस सभी को नए स्वरूप में विकसित किया गया है। प्रशिक्षण नियम भी इस तरह संशोधित किए गए हैं कि मानक समान रहें और किसी प्रकार का भेदभाव न हो।
अब तक महिला अधिकारियों को केवल OTA चेन्नई के माध्यम से ही कमीशन मिलता था। IMA में महिला कैडेट्स का प्रवेश भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिसंबर 2023 में ‘जेंटलमैन कैडेट’ के स्थान पर ‘ऑफिसर कैडेट’ शब्द का उपयोग शुरू किया गया, जो समान प्रतिनिधित्व की दिशा में बड़ा संकेत था।
अगस्त 2022 में NDA में पहली बार 19 महिला कैडेट्स शामिल हुईं। तीन वर्ष के प्रशिक्षण के बाद इनमें से आठ को 15 जुलाई 2025 को IMA में प्रवेश मिला। ये सभी वर्तमान में एक वर्ष के उन्नत प्रशिक्षण में हैं और दिसंबर 2026 की परेड में पास आउट होंगी। IMA महिला कैडेट शामिल बदलाव को रक्षा विशेषज्ञ सेना के आधुनिक नेतृत्व और समान अवसरों की दिशा में प्रगति बताते हैं।
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कुछ दिग्गजों ने logistical चुनौतियों और प्रशिक्षण ढांचे में सुधार की आवश्यकता पर चिंता व्यक्त की है। हालांकि, रक्षा अधिकारियों का कहना है कि योजनाएँ सुव्यवस्थित हैं और इस निर्णय से सैन्य क्षमता और संगठनात्मक मजबूती दोनों बढ़ेंगी।




