हरिद्वार: जट बहादरपुर में युवक की हत्या के बाद तनाव, भीम आर्मी और ग्रामीणों ने शव के साथ किया प्रदर्शन

हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र के ग्राम जट बहादरपुर में रविवार रात दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष के बाद तनावपूर्ण हालात बन गए। संघर्ष में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद सोमवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं, परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल से लेकर गांव तक चार घंटे तक शव को रखकर जमकर हंगामा किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
क्या है मामला?
जट बहादरपुर के पूर्व प्रधान विकास कुमार और गांव के ही जतिन चौधरी के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। रविवार रात एक्कड़ रेलवे स्टेशन और फाटक के पास दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट के बाद कई राउंड फायरिंग हो गई। इस फायरिंग में विकास कुमार पक्ष के राजन को गोली लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, जतिन चौधरी भी घायल हो गया, जिसे पहले मेरठ ले जाया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने नारसन बॉर्डर पर रोककर उसे एम्स ऋषिकेश भेज दिया।
अस्पताल और गांव में प्रदर्शन
सोमवार सुबह राजन के पोस्टमार्टम के दौरान जिला अस्पताल में भीम आर्मी, बसपा कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने समझाकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया, जिसके बाद शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर गांव लाया गया।
गांव पहुंचते ही लोगों ने शव को चौराहे पर रखकर रविदास मंदिर परिसर में प्रदर्शन तेज कर दिया और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए।
पुलिस बल की तैनाती, 36 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन
स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल, पीएसी और जिलेभर से फोर्स बुला ली। एसपी सिटी पंकज गैरोला और एसपी देहात शेखर सुयाल समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करने की कोशिश की। कई दौर की वार्ता के बाद ग्रामीण 36 घंटे में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर माने और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए रवाना हुए।
कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार
अंतिम संस्कार गांव के ही श्मशान घाट पर भारी पुलिस बल की निगरानी में कराया गया। प्रशासन गांव में हालात सामान्य बनाए रखने की कोशिश में जुटा है।
गांव में बंद रहीं दुकानें, माहौल तनावपूर्ण
हत्या की घटना और प्रदर्शन के बाद गांव में सभी दुकानें बंद रहीं। आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचने लगे थे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा कारणों से वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। शाम होते-होते गांव में सन्नाटा पसर गया, लेकिन पुलिस बल गांव में तैनात रहा।