कालाढूंगी में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बढ़े बिजली बिल, उपभोक्ताओं का प्रदर्शन

कालाढूंगी में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बढ़े बिजली बिल, उपभोक्ताओं का प्रदर्शन

कालाढूंगी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी सामने आई है। कई उपभोक्ताओं ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदलाव के बाद असामान्य रूप से अधिक बिल आने की शिकायत की है। इसी को लेकर विजयपुर, गुलजारपुर और पुरानपुर गांवों के उपभोक्ता बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता और सुविधा मिलने के बजाय भ्रम और आर्थिक दबाव बढ़ गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि बिलों में गड़बड़ी की शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों और कम खपत के बावजूद भारी भरकम बिल थमाए जा रहे हैं।

विजयपुर निवासी हेमा मेहता ने बताया कि वह दो कमरों के मकान में रहती हैं और उनके पति दिव्यांग हैं, इसके बावजूद 44 दिनों का बिजली बिल 18,937 रुपये आया। दीपक ने 45 दिनों का 16 हजार रुपये का बिल आने की बात कही। दिहाड़ी मजदूर प्रेमा तिवारी ने एक महीने का 8 हजार रुपये का बिल मिलने की शिकायत की, जबकि बलबीर लाल डंगवाल ने बताया कि दो महीने का बिल 13 हजार रुपये आया है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि ये बिल गर्मियों के चरम समय में आने वाले पुराने मीटरों के बिलों के बराबर हैं, जिससे मीटर की सटीकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही प्रीपेड बैलेंस माइनस में जाने से बिजली कटने का डर भी लोगों को सता रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर प्रणाली के लाभों पर भी सवाल उठाए।

ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी दीपक पाठक ने कहा कि कुछ मामलों में पुराने मीटर की रीडिंग आगे जुड़ जाने से अंतर आ सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और मीटरों की एमआरआई जांच कर विस्तृत डाटा निकाला जाएगा। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसे भी पढ़ें – उत्तराखंड में बेरोजगारी का आकलन करेगा पीएलएफएस सर्वे, फरवरी से दिसंबर 2026 तक होगा अध्ययन

प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार, अरविंद मनराल, मोहित कुमटिया और निखिल सामंत भी मौजूद रहे। यह मामला एक बार फिर अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों के क्रियान्वयन और निगरानी को लेकर उठ रही चिंताओं को सामने लाता है।

Saurabh Negi

Share