केदारनाथ पैदल मार्ग धाम तक आवाजाही के लिए खुला, हिमखंड आने से था बंद, छह से दस फीट बर्फ काटी गई

रुद्रप्रयाग, 4 अप्रैल 2025 – हिमखंड गिरने से अवरुद्ध गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को अब तीर्थयात्रियों और घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। मार्ग पर छह से दस फीट तक जमी बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया, जिससे जल्द ही तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा सुगम हो सकेगी। केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन हर आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने में जुटा है।
लोक निर्माण विभाग के 70 मजदूरों ने लगातार 20 दिनों तक कठिन परिश्रम कर लिनचोली से छानी कैंप और फिर छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट होते हुए केदारनाथ तक रास्ता तैयार किया। बर्फ हटाने के लिए मजदूरों ने विशेष उपकरणों का उपयोग किया और हिमखंड जोन तथा फिसलन वाले क्षेत्रों में मिट्टी व पत्थर का उपयोग कर मार्ग को सुरक्षित बनाया।
दूसरे चरण में हेलिपैड और मंदिर तक हटेगी बर्फ
पहले चरण में मुख्य पैदल मार्ग को खोलने के बाद अब दूसरे चरण में रुद्रा प्वाइंट से हेलिपैड और हेलिपैड से मंदिर तक बर्फ हटाने का कार्य जारी है। अधिशासी अभियंता विनय झिक्वाण ने बताया कि एमआई-26 हेलिपैड क्षेत्र से बर्फ हटाने को पहली प्राथमिकता दी गई है, ताकि हेली सेवा जल्द शुरू हो सके। दस अप्रैल तक केदारनाथ में सभी प्रमुख जगहों से बर्फ हटा दी जाएगी।
चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। पैदल मार्ग के अलावा बिजली, पानी, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए मार्ग में संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और रस्सियों की व्यवस्था की गई है।
केदारनाथ में यात्रा से जुड़ी संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर रेस्क्यू टीमों की तैनाती और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया है।
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यात्रियों के लिए सुरक्षा और मार्गदर्शन के इंतजाम
- प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
- मार्ग पर फिसलन और बर्फीले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- आवश्यकतानुसार विशेष बचाव दलों को भी तैनात किया जाएगा।
चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए उत्तराखंड सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।