केदारनाथ यात्रा 2026: साफ-सुथरे होटलों को मिलेगी स्टार रेटिंग और ग्रीन बैज

केदारनाथ यात्रा 2026: साफ-सुथरे होटलों को मिलेगी स्टार रेटिंग और ग्रीन बैज

आगामी चारधाम यात्रा से पहले केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। इस वर्ष होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए स्टार रेटिंग और ग्रीन बैज प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में एनआईसी ऑडिटोरियम में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया।

बैठक में विभिन्न विभागों, नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें यात्रा अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, संग्रह और पुनर्चक्रण को लेकर कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने पूर्व में किए गए उपायों की समीक्षा करते हुए इस वर्ष ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और सशक्त बनाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने डिपॉजिट रिफंड स्कीम के माध्यम से कचरा निस्तारण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके तहत यात्रियों को प्लास्टिक बोतल, रैपर और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री लौटाने पर प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे मार्ग पर गंदगी फैलने से रोकी जा सके।

उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, होटल एसोसिएशन, दुकानदारों और अन्य हितधारकों को स्वच्छता अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश भी दिए। यात्रा मार्ग पर बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने और साफ-साफ संदेश प्रदर्शित करने को कहा गया है।

प्रशासन की ओर से स्वच्छता संदेश प्रसारित करने के लिए क्यूआर कोड, साइनबोर्ड, होर्डिंग, टिकटों पर संदेश, सार्वजनिक घोषणाएं और ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को पर्यावरण संरक्षण और कचरा न फैलाने के प्रति जागरूक करना है।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता मानकों का बेहतर पालन करने वाले होटलों और भोजनालयों को स्टार रेटिंग और ग्रीन बैज दिए जाएंगे। वहीं, गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के कड़ाई से पालन के साथ दंडी-कंडी और घोड़ा-खच्चर संचालकों को भी स्वच्छता जागरूकता से जोड़ने पर बल दिया।

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प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आचरण सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों और हितधारकों का समन्वित सहयोग बेहद जरूरी होगा।

Saurabh Negi

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