कोटद्वार के बरस्वाड़ गांव में तेंदुए का आतंक, आंगन से उठा ले गया दो वर्षीय बच्ची, मौत

कोटद्वार के बरस्वाड़ गांव में तेंदुए का आतंक, आंगन से उठा ले गया दो वर्षीय बच्ची, मौत

कोटद्वार के जैहरीखाल ब्लॉक अंतर्गत बरस्वाड़ गांव में शनिवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई। गांव में एक तेंदुए ने घर के आंगन में बैठी दो वर्षीय बच्ची को उसके माता-पिता के सामने ही उठा लिया। इस हमले में बच्ची की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल बन गया।

मृत बच्ची की पहचान यशिका के रूप में हुई है, जो जितेंद्र की पुत्री और क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र लाल की पौत्री थी। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे यशिका अपने माता-पिता के साथ घर के आंगन में बैठी हुई थी। इसी दौरान अचानक जंगल की ओर से तेंदुआ आया और पलक झपकते ही बच्ची को मुंह में दबाकर जंगल की ओर भाग गया।

परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तेंदुआ ओझल हो गया। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत जंगल की ओर खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों ने काफी देर तक आसपास के वन क्षेत्र में तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला।

करीब रात 9 बजे बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर जंगल में बरामद हुआ। शव की हालत बेहद क्षत-विक्षत थी, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत पालकोट वन क्षेत्र से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं शुरू कीं।

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इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में भारी दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और पहले भी इस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही देखी गई है। लोगों ने वन विभाग से तत्काल गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।

Saurabh Negi

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