प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ से सशक्त बन रहीं बेटियां, डीएम ने दी 3 बालिकाओं को आर्थिक सहायता

देहरादून। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू किए गए प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ के तहत देहरादून में असहाय और जरूरतमंद बेटियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में तीन बालिकाओं को संयुक्त रूप से ₹98,815 की धनराशि के चेक वितरित किए। अब तक इस योजना के तहत 13 बालिकाओं को ₹4.41 लाख की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। डीएम ने कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नैतिक दायित्व और पुण्य कार्य है।
सभी जरूरतमंद बालिकाओं तक पहुंचे योजना का लाभ: डीएम
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की प्रत्येक पात्र, निर्धन और असहाय बालिका को इस योजना से लाभान्वित किया जाए। इसके लिए बाल विकास, समाज कल्याण और महिला कल्याण विभाग की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का चयन जनता दरबार, बहुद्देशीय शिविरों, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से किया जा रहा है। बालिकाओं की पढ़ाई के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से भी जोड़ा जा रहा है।
गरीब और असहाय बेटियों का संबल बना ‘नंदा-सुनंदा’
डीएम सविन बंसल ने कहा कि गरीबी और कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने वाली बेटियां ही असली नंदा और सुनंदा हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आर्थिक तंगी से जूझ रही ऐसी बालिकाओं की पढ़ाई में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इस मौके पर कक्षा 1 से लेकर बीएससी तक की तीन बालिकाओं को सहायता राशि प्रदान की गई। जिनमें कु. प्राची मौर्य (बीएससी फोर्थ सेमेस्टर) को ₹72,740, कुमारी आराध्या (कक्षा 3) को ₹14,600 और कु. पूर्वी विरमानी (कक्षा 1) को ₹11,475 की धनराशि प्रदान की गई।
नैनीताल से देहरादून तक जारी है प्रोजेक्ट की सफलता
डीएम ने बताया कि नैनीताल में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने ‘नंदा-सुनंदा’ योजना की शुरुआत की थी। वहां 60 बालिकाओं को सशक्त बनाकर उनकी शिक्षा को नया आयाम दिया गया। देहरादून में भी अब तक 11 बालिकाओं को इस योजना से लाभ मिल चुका है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीपीओ (आईसीडीएस) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी और बालिकाओं के परिजन मौजूद थे।