पिथौरागढ़ में भूस्खलन से एनएचपीसी टनल बंद, फंसे कर्मचारियों को निकाला

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में शनिवार शाम बड़ा हादसा हुआ। धारचूला के ऐलागाड़ में पहाड़ी दरकने से भारी मलबा एनएचपीसी के धौलीगंगा पावर हाउस की भूमिगत टनल के मुहाने पर जमा हो गया। अचानक हुए इस भूस्खलन से टनल के भीतर काम कर रहे 19 कर्मचारी फंस गए। राहत की बात यह रही कि जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और बीआरओ की संयुक्त टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि फंसे हुए सभी अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित हैं। सुरंग का मुहाना मलबा हटाकर खोल दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, भारी बोल्डर और पत्थर गिरने से टनल का रास्ता बंद हो गया था। सूचना मिलते ही एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद सभी कार्मिकों को सकुशल बाहर निकाला गया।
धारचूला के एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि धौलीगंगा पावर हाउस को किसी प्रकार की बड़ी क्षति नहीं हुई है और संचालन सामान्य है।
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सुरक्षित निकाले गए कर्मचारियों में ऑपरेशन, मेंटेनेंस, सिविल और कैंटीन स्टाफ शामिल थे। इनमें चंदर सोनल, शंकर सिंह, पूरन बिष्ट, नवीन कुमार, प्रेम दुग्ताल, धन राज बहादुर, गगन सिंह धामी, पीसी वर्मा, ललित मोहन बिष्ट, सूरज गुरुरानी, विष्णु गुप्ता, जितेंद्र सोनल, प्रकाश दुग्ताल, कमलेश धामी, सुनील धामी, जी. ऑगस्टीन बाबू, अपूर्वा राय, इंदर गुनजियाल और बिशन धामी शामिल हैं।