ऋषिकेश में एमडीडीए ने की कार्रवाई, 10 से ज्यादा अवैध इमारतें सील

ऋषिकेश में एमडीडीए ने की कार्रवाई, 10 से ज्यादा अवैध इमारतें सील

ऋषिकेश – ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण बिना स्वीकृत मानचित्र के बन रहे निर्माणों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि  इस अभियान में आगे भी ऐसे अनधिकृत निर्माणों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी ।

एमडीडीए की संयुक्त सचिव पूजा कोटियाल के नेतृत्व में टीम ने पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में सीलिंग अभियान चलाया। इसमें अखंड आश्रम गली नंबर 4, आवास विकास क्षेत्र, विस्थापित गली नंबर 10 और 11 समेत कई जगहों पर बहुमंजिला इमारतें और कॉलोनियां सील की गईं। जांच में पाया गया कि मकान और व्यावसायिक भवन बिना मानचित्र स्वीकृति के भू-तल से लेकर तीसरी मंजिल तक बनाए गए थे।

प्राधिकरण के अनुसार, सभी निर्माणकर्ताओं को पहले नोटिस दिए गए थे और जवाब देने के लिए समय भी दिया गया था। 25 अगस्त 2025 को अंतिम अवसर दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर एमडीडीए ने नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के तहत कार्रवाई करते हुए इन्हें सील कर दिया।

इस पर हुई कार्यवाही :

    • मनीष अग्रवाल (निर्मल बाग, गली नंबर 11): 30×70 फीट के भूखंड पर बिना मानचित्र स्वीकृति के दो मंजिला इमारत बनाई गई थी।

    • रघुन शर्मा (गली नंबर 11): 30×50 फीट पर बहुमंजिला भवन खड़ा किया गया।

    • प्रदीप दुबे (वीरभद्र रोड): मकान निर्माण बिना अनुमति के पाया गया।

    • रवि (निर्मल बाग, गली नंबर 10): तीन मंजिला अवैध निर्माण किया गया था।

    • विपिन चौधरी (निर्मल बाग, गली नंबर 11): कॉलोनी और स्कूल का निर्माण बिना स्वीकृति के किया गया।

    • स्वामी दयानंद महाराज (हरिद्वार रोड, कोयल ग्रांट): बड़े पैमाने पर भवन निर्माण पाया गया।

    • सुरेंद्र सिंह बिष्ट (रेड फोर्ट रोड, स्कूल के पास): तीसरी मंजिल तक अवैध रूप से इमारत बनाई गई।

    • अनीता पुजारा (गली नंबर 4, होटल गंगा अशोक के पास): कॉलोनी निर्माण सील किया गया।

    • अनुज (निर्मल ब्लॉक बी, गली नंबर 11): कॉलम निर्माण अवैध पाया गया।

    • सागर (निर्मल बाग, गली नंबर 11): भवन निर्माण मानचित्र स्वीकृति के बिना किया गया।

एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि सीलिंग अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर लोगों ने आपत्ति जताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में बिना किसी बाधा के कार्रवाई पूरी की गई। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण शहर की व्यवस्थित योजना, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर सीधा असर डालते हैं, इसलिए इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण पाया गया तो तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण नियमित निगरानी कर रहा है और क्षेत्रवार टीमों को निर्देशित किया गया है कि अवैध निर्माण की सूचना मिलते ही मौके पर जाकर कार्रवाई करें।

Saurabh Negi

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