रुद्रप्रयाग में पिटकुल सब स्टेशन निर्माण पर बवाल, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच नोकझोंक

रुद्रप्रयाग – केदारघाटी के ग्राम पंचायत रुद्रपुर में गोचर भूमि पर पिटकुल द्वारा सब स्टेशन निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मंगलवार को पिटकुल के अधिकारी जब निर्माण कार्य के लिए मशीनें लेकर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने विरोध में मशीनों के आगे बैठकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस ने महिलाओं को जबरन पुलिस वाहनों में बैठाया, जिससे नाराज होकर अन्य महिलाओं ने गुप्तकाशी-जाखधार मोटरमार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डर रखकर सड़क जाम कर दी। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और पूरा मार्ग छावनी में तब्दील हो गया।
कोर्ट में विचाराधीन है मामला
ग्रामीणों का आरोप है कि यह भूमि ग्राम पंचायत की गोचर भूमि है और इसका मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सामाजिक कार्यकर्ताओं गणेश शुक्ला और अनीत शुक्ला का कहना है कि बरम्बाड़ी गांव के नाम पर यह सब स्टेशन स्वीकृत हुआ था, लेकिन तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा बिना ग्रामीणों की सहमति के फर्जी एनओसी जारी की गई। इसी एनओसी के आधार पर भूमि तीस वर्षों के लिए लीज पर पिटकुल को दी गई थी, जिसमें से लगभग पच्चीस वर्ष बीत चुके हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कोर्ट का निर्णय आने से पहले ही डंडे के बल पर निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
कड़ी सुरक्षा में रही पूरी कार्रवाई
घटना के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। महिलाओं ने प्रशासन से किसी सक्षम अधिकारी की मध्यस्थता की मांग की, लेकिन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस वजह से ग्रामीण देर शाम तक सड़क पर डटे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने बल प्रयोग कर भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की तो वे वृहद आंदोलन छेड़ देंगे। वहीं, इस पूरे मामले में तहसीलदार प्रदीप नेगी से संपर्क नहीं हो पाया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीण और चार दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी तथा राजस्व व पिटकुल के अधिकारी मौजूद रहे।