देहरादून के जवान महावीर सिंह रावत को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

देहरादून से ताल्लुक रखने वाले डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स के नायक महावीर सिंह रावत को रविवार को हरिद्वार में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। शहीद के बेटे गौरव रावत ने गेट परीक्षा देने के बाद अपने पिता की अंतिम क्रिया की, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
51 वर्षीय महावीर सिंह रावत, स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह रावत के पुत्र थे और तमिलनाडु के कोयंबटूर में तैनात थे। 5 फरवरी को हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट से उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से देहरादून एयरपोर्ट लाया गया, जिसके बाद उन्हें जौलीग्रांट स्थित पैतृक आवास पहुंचाया गया।
रविवार को कोठारी मोहल्ला, जौलीग्रांट स्थित उनके घर पर बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इसी दौरान उनके बेटे गौरव रावत की गेट परीक्षा प्रेमनगर स्थित एक कॉलेज में निर्धारित थी। परीक्षा समाप्त कर वह करीब 12:30 बजे निकले और लगभग 2 बजे घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पिता की अंतिम क्रिया संपन्न कराई।
पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी हिमांशी रावत का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि छोटी बहन मंजू देवी सदमे के कारण कुछ देर के लिए बेहोश हो गईं। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा।
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स्थानीय विधायक बृज भूषण गैरोला और नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र नेगी ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पूर्व सहकर्मी भी मौजूद रहे, जिन्होंने महावीर सिंह रावत को एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक के रूप में याद किया।




