संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण के लिए राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन

राज्य के विभिन्न सार्वजनिक निगमों, निकायों, और उपक्रमों में कार्यरत संविदा, विशेष श्रेणी, दैनिक वेतन भोगी, उपनल, अंशकालिक, पीटीसी, और बाहय स्त्रोत के कार्मिकों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर देहरादून, हल्द्वानी, और टनकपुर में एक दिवसीय धरना दिया। यह धरना उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेशानुसार नियमितिकरण का लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर किया गया।
राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ, उत्तराखण्ड के आह्वान पर महासंघ से सम्बद्ध घटक संघों और संगठनों द्वारा देहरादून के आईएसबीटी, हल्द्वानी, और टनकपुर में मंडलीय कार्यशाला, परिवहन निगम के परिसर में इस धरने का आयोजन किया गया। इस दौरान जल संस्थान, परिवहन निगम, वन निगम, गढ़वाल मण्डल विकास निगम, कुमाऊं मण्डल विकास निगम, और अन्य संगठनों के कार्मिकों ने भाग लिया। महासंघ को राज्य कर्मचारी अधिकारी समन्वय समिति, पीडब्ल्यूडी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड, और उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन का भी समर्थन मिला।
धरने के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि 2024 तक के सभी संविदा, विशेष श्रेणी, दैनिक वेतन भोगी, उपनल, अंशकालिक, पीटीसी, और बाहय स्त्रोत के कार्मिकों का नियमितिकरण किया जाए। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 5 नवंबर 2019 को हुई वार्ता के अनुसार अन्य निगमों और निकायों के कार्मिकों को राज्य सरकार के कर्मियों के समान शासनादेश का लाभ प्रदान करने की मांग की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्यवाही नहीं की गई, तो महासंघ 3 सितंबर को शहीद स्थल, देहरादून से सचिवालय तक हजारों की संख्या में रैली निकालकर कूच करेगा और आगामी आन्दोलन की शुरुआत की जाएगी।
इस धरने में प्रमुख रूप से अध्यक्ष दिनेश गौसाई, महासचिव बीएस रावत, टीएस बिष्ट, अरुण पाण्डे, दिनेश पंत, विपिन विजल्वाण, श्याम सिंह नेगी, रमेश बिंजोला, संदीप मल्होत्रा, प्रेम सिंह रावत, राकेश पेटवाल, ओमप्रकाश भट्ट, मनमोहन चौधरी, मेजपाल सिंह, राजेश रमोला, विजय खाली, अजय बैलवाल, रामकुमार, अनुराग नोटियाल, और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।