टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट योगदान पर राज्यपाल ने दिया सम्मान, बोले- जनभागीदारी से ही संभव है उन्मूलन

टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट योगदान पर राज्यपाल ने दिया सम्मान, बोले- जनभागीदारी से ही संभव है उन्मूलन

देहरादून, 15 जुलाई — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को राजभवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड द्वारा किया गया, जिसमें 13 निःक्षय मित्रों, 13 ट्रीटमेंट सपोर्टर्स, तीन जिलों और टीबी से ठीक हो चुके चैंपियनों को स्मृति चिन्ह व पोषण किट प्रदान की गई। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि “टीबी से ठीक हुए लोग असली योद्धा हैं और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।” उन्होंने जानकारी दी कि वे स्वयं 75 टीबी रोगियों को गोद ले चुके हैं, जिनमें से 62 मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं।

राज्यपाल ने देहरादून, चंपावत और रुद्रप्रयाग को टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया और सभी लोगों से निःक्षय मित्र बनने का आग्रह किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी रोगी को जानकारी के अभाव में इलाज से वंचित न रहना पड़े।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाया जाए। उन्होंने जानकारी दी कि एक अगस्त से पूरे राज्य में नगर निकायों और पंचायत स्तर पर विशेष टीबी जागरूकता और स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि सामुदायिक स्तर पर टीबी की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. नरेश चौधरी, अन्य अधिकारी और मेडिकल छात्रों ने भी प्रतिभाग किया।

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सम्मानित निःक्षय मित्रों में हिमालयन वेलनेस के डॉ. फारुख, हंस कल्चरल फाउंडेशन की पूनम किमोठी, देहरादून के मुकेश मोहन, पंकज गुप्ता, साईं इंस्टीट्यूट की डॉ. आरती, रेडक्रॉस की कल्पना बिष्ट, कनिष्क हॉस्पिटल की डॉ. रितु गुप्ता, आस संस्था की हेमलता बहन, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के राजीव बिजल्वाण, देवभूमि स्वराज फाउंडेशन के इंदर रमोला, महिला जिजीविषा मंच की डॉली डबराल, लायंस क्लब के रजनीश गोयल और ममता थापा शामिल रहे।

सम्मानित ट्रीटमेंट सपोर्टर्स में सुप्रिया, जोया, कनक और आशा कार्यकर्ता नीरज, नीरा कंडारी, मीना काला, गंगा भंडारी, सरोज, नीरू जैन, पूजा जोशी, शिखा अरोड़ा, निर्मला जोशी और सचि तिवारी शामिल थीं।

Saurabh Negi

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