उत्तराखंड में वन तस्करों का आतंक: वन विभाग पर हमला और पेड़ों पर चल रही आरी

उत्तराखंड में वन तस्करों का आतंक: वन विभाग पर हमला और पेड़ों पर चल रही आरी

ऊधम सिंह नगर जिले में छह तस्करों के आतंक से वन विभाग परेशान है। इन तस्करों पर वन अधिनियम, वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट और आईपीसी के तहत कुल 239 मुकदमे दर्ज हैं। कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक ने इन तस्करों पर दर्ज केस और उनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी प्रमुख वन संरक्षक और शासन को भेजी है। इसमें तस्करों के वाहनों की जानकारी भी शामिल है, जिनका इस्तेमाल वन अपराधों में किया जा रहा है।

मुख्य वन संरक्षक ने पत्र के माध्यम से इन तस्करों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए पुलिस को प्रस्ताव भेजा है। ये तस्कर संगठित रूप से वन अपराधों को अंजाम देते हैं। इनमें शामिल हैं इकबाल सिंह ऊर्फ परमजीत सिंह, सर्वजीत सिंह, संगत सिंह, गुरमीत सिंह, गुरदास सिंह और जोगेंद्र सिंह।

रोकने पर करते हैं गोलाबारी

ये तस्कर इतने बेखौफ हैं कि वन विभाग की टीम के रोकने पर उन पर गोलाबारी करने से भी नहीं चूकते। कई बार तस्कर जब्त किए गए वाहन और वन उपज को बलपूर्वक छुड़ाकर ले जाते हैं। विभाग ने अपराधियों के परिवार के अन्य सदस्यों और उनकी संपत्ति के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी है।

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एक साल में वन कर्मियों पर 17 हमले

मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि पिछले साल सितंबर से 18 अगस्त तक तराई पश्चिम, तराई केंद्रीय और रामनगर वन प्रभाग में वन कर्मियों पर 17 हमले हुए हैं। अगस्त माह में भी अपराधियों ने वन कर्मियों पर हमला किया है। ये तस्कर संगठित तरीके से वन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस ने इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं, जिसमें जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के केस भी शामिल हैं।

मुख्य वन संरक्षक ने पीसीसीएफ को पत्र भेजकर इन अपराधियों पर पुलिस के माध्यम से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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