दूरस्थ त्यूनी क्षेत्र में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत बहुद्देशीय शिविर, 173 समस्याएं दर्ज, 596 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच

सुदूरवर्ती त्यूनी क्षेत्र में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के तहत एक वृहद बहुद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को खुलकर सामने रखा। शिविर में कुल 173 समस्याएं और शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकांश समस्याओं का समाधान करते हुए संबंधित अधिकारियों को शेष समस्याओं का समयबद्ध और प्राथमिकता से निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।
मौके पर मिली राहत, ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान
शिविर में विभिन्न गांवों जैसे ग्राम हनोल, मेन्द्रथ, दारागाड, सावडा, विनाड-बस्तिल, कूना, रायगी और त्यूनी क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, शिक्षा, पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति, पीएम आवास योजना, आर्थिक सहायता, मुआवजा, राशन कार्ड, गैस आपूर्ति आदि से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। ग्राम पंचायत सारनी के ग्रामीणों ने पेयजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग द्वारा मोटर मार्ग निर्माण के दौरान गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त कर दी गई थी, जिससे आज भी गांव में पेयजल संकट बना हुआ है।
इस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह के भीतर क्षतिपूर्ति मुआवजा उपलब्ध कराने और विलंब करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार अणु चिलवाड मोटर मार्ग के प्रभावित परिवारों को 20 वर्षों से मुआवजा न मिलने पर भी कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को एसडीएम और लोनिवि के अधिशासी अभियंता के साथ तत्काल बैठक कर समाधान करने के निर्देश दिए।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला
शिविर में 30 से अधिक विभागों द्वारा अपने स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स पर ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई और मौके पर कई योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा स्टॉल पर 360 और एलोपैथिक चिकित्सकों द्वारा 496 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इसके साथ ही 27 दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गए और 125 लोगों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए गए।
रोजगार और स्वरोजगार को भी मिला बढ़ावा
पशुपालन विभाग द्वारा 90 प्रतिशत सब्सिडी पर 6.75 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया और 50 पशुपालकों को निःशुल्क पशु चिकित्सा दवाएं भी वितरित की गईं। कृषि विभाग ने 45 किसानों को उन्नत बीज और औजार प्रदान किए, वहीं उद्यान विभाग ने 75 लोगों को सब्जी बीज और कीटनाशक दवाइयां दीं।
सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण योजनाओं का लाभ
समाज कल्याण विभाग द्वारा शिविर में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के कुल 28 प्रकरणों को स्वीकृति दी गई और कुल 77 सामाजिक समस्याओं का समाधान किया गया। पंचायती राज विभाग ने 52 परिवार रजिस्टर की नकलें जारी कीं, जबकि राजस्व विभाग ने 11 आय प्रमाण पत्र और 1 चरित्र प्रमाण पत्र बनाए। ई-डिस्ट्रिक्ट स्टॉल पर 35 नए आधार कार्ड बनाए गए और 120 आधार अपडेट किए गए।
दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा 18 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, स्टिक और अन्य उपकरण वितरित किए गए। बाल विकास विभाग ने 10 किशोरी बालिकाओं, 15 धात्री और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार किट उपलब्ध कराईं।
शिविर में जिलाधिकारी सविन बंसल ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में जाकर ग्रामीणों की समस्याएं जानें और उनका त्वरित समाधान करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, एसडीएम योगेश मेहरा, डीडीओ सुनील कुमार समेत अनेक विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को प्रशासन की योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ मिला और मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान हुआ।