यूसीसी महाकुंभ की तरह सबको समान मानता है: सीएम धामी

यूसीसी महाकुंभ की तरह सबको समान मानता है: सीएम धामी

महाकुंभ 2025 के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को महाकुंभ की भावना से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाकुंभ में सभी के लिए समानता का भाव होता है, उसी तरह यूसीसी भी बिना भेदभाव समान अधिकार सुनिश्चित करता है। अब विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और तलाक सिर्फ कोर्ट के आदेश से ही संभव होगा, जिससे महिलाओं को भी समान अधिकार मिलेंगे।

सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन इसका उद्देश्य समाज में समानता और एकरूपता लाना है। उत्तराखंड एक आध्यात्मिक स्थल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम यात्रा, हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों पर आते हैं। इसलिए, समाज में समान अधिकारों और कर्तव्यों की भावना को मजबूत करना जरूरी था।

महाकुंभ और यूसीसी के बीच समानता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का प्रतीक भी है। करोड़ों लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता को मान्यता देती है। यूसीसी इस भावना को और सुदृढ़ करेगा और नागरिकों को यह एहसास कराएगा कि वे देश के अभिन्न अंग हैं।

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