केंद्रीय बजट से उत्तराखंड में ₹40 हजार करोड़ की परियोजनाएं शुरू होंगी: मुख्यमंत्री धामी

केंद्रीय बजट से उत्तराखंड में ₹40 हजार करोड़ की परियोजनाएं शुरू होंगी: मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि केंद्रीय बजट के सहयोग से उत्तराखंड में लगभग ₹40 हजार करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलन बनाए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार यह बजट उत्तराखंड के समग्र और टिकाऊ विकास को नई गति देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव है, जो बजट में राज्य के लिए किए गए प्रावधानों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने केंद्रीय बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि इसमें पहाड़ी राज्यों के लिए क्षेत्रीय और सेक्टर आधारित विकास की मजबूत संभावनाएं बनाई गई हैं। इससे राज्य की आधारभूत संरचना और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री के दीर्घकालिक विजन और विकसित भारत के लक्ष्य को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत उत्तराखंड को लगभग ₹1,800 करोड़ की अतिरिक्त राशि मिलने की संभावना है। इससे राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग ट्रेल्स के विकास से ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं को ट्रेकिंग गाइड और सहायक कर्मियों के रूप में कौशल विकास का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही बादाम और अखरोट जैसी बागवानी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उद्योगों के पुनर्जीवन से रोजगार सृजन होगा और लोगों की आजीविका मजबूत होगी। पर्यटन और उससे जुड़ी आधारभूत सुविधाओं पर बढ़ा फोकस राज्य में रोजगार के अवसरों को और विस्तार देगा। उन्होंने कहा कि बजट देश की भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

इसे भी पढ़ें – केंद्रीय बजट 2026-27 देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देगा: मुख्यमंत्री धामी

प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार केंद्र से आयुष क्षेत्र के लिए एक एम्स की स्वीकृति का अनुरोध करेगी। इससे उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी मजबूती मिलेगी।

Saurabh Negi

Share