उत्तराखंड बजट सत्र: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश किया

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में चल रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11.41 प्रतिशत अधिक है। बजट पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
‘ज्ञान’ मॉडल पर आधारित बजट
राज्य सरकार ने इस बजट को ज्ञान मॉडल के आधार पर तैयार किया है, जिसमें चार प्रमुख वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- ग – गरीब कल्याण
- य – युवा सशक्तिकरण
- अ – अन्नदाता अर्थात किसान
- न – नारी सशक्तिकरण
नारी सशक्तिकरण के लिए घोषणाएं
महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं के लिए धनराशि निर्धारित की गई है।
- नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 15 करोड़ रुपये
- ईजा-बोई शगुन योजना के लिए 122 करोड़ रुपये
- चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये
सरकार ने लैंगिक बजट को भी बढ़ाया है, जिसे वर्ष 2025–26 के 16,961.32 करोड़ रुपये से बढ़ाकर इस बजट में 19,692.02 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
युवाओं के रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये
- गैर सरकारी महाविद्यालयों के लिए 155.38 करोड़ रुपये की सहायता
किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए प्रावधान
कृषि और किसान हित से जुड़े कई क्षेत्रों में भी धनराशि निर्धारित की गई है।
- ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये
- मिशन सेब के लिए 42 करोड़ रुपये
- दुग्ध उत्पादकों को दूध मूल्य प्रोत्साहन के लिए 32 करोड़ रुपये
- मोटा अनाज मिशन के लिए 12 करोड़ रुपये
- किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 160.13 करोड़ रुपये
गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा
गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बजट में बड़ी धनराशि रखी गई है।
- अन्न पूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298.35 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लिए 56.12 करोड़ रुपये
- दिव्यांगजनों सहित अन्य सामाजिक योजनाओं की पेंशन के लिए 167.05 करोड़ रुपये
- गरीब परिवारों को रसोई गैस पर अनुदान के लिए 43.03 करोड़ रुपये
आधारभूत ढांचा, पर्यटन और तकनीक
राज्य में आधारभूत ढांचे और पर्यटन को मजबूत करने के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं।
- कुंभ मेला की तैयारी के लिए हरिद्वार में केंद्र सरकार से 1,027 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रस्ताव
- पर्यटन आधारभूत ढांचा विकास के लिए 100 करोड़ रुपये
- हरिद्वार गंगा गलियारा और ऋषिकेश गंगा गलियारा परियोजनाओं के लिए 10-10 करोड़ रुपये
- साइबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 15 करोड़ रुपये
- उभरती तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास के लिए 10.50 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रावधान
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में 4,252.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 195 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं।
**बागेश्वर, डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल सहित कई जिलों के अस्पतालों में विकास कार्य करने की योजना है।
इस बजट में पर्यटन, कृषि, रोजगार, महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए संतुलित विकास पर जोर दिया गया है।




