उत्तराखंड जनगणना शुरू: राज्यपाल ने स्वगणना प्रक्रिया की शुरुआत की

उत्तराखंड जनगणना शुरू: राज्यपाल ने स्वगणना प्रक्रिया की शुरुआत की

उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अपने आवास की स्वगणना कर इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिन में इसमें भाग लेंगे।

इस चरण के तहत राज्य के नागरिक घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना कर सकते हैं। इसके लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक की अवधि निर्धारित की गई है, जिसमें लोग 33 सरल सवालों के जवाब देकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

जनगणना निदेशालय के अनुसार स्वगणना पूरी करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति को एक विशेष पहचान संख्या मिलेगी। प्रगणक जब घर-घर जाएंगे, तो इस संख्या के माध्यम से पहले से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे और अंतिम प्रविष्टि दर्ज करेंगे।

निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि 25 अप्रैल से 24 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इस दौरान मकानों और भवनों को संख्या भी दी जाएगी, जिसे स्वगणना के दौरान भरना आवश्यक नहीं है।

जनगणना प्रक्रिया में आवास की स्थिति, परिवार की जानकारी और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल हैं। इनमें मकान की बनावट, कमरों की संख्या, स्वामित्व, पानी और बिजली की व्यवस्था, शौचालय, रसोई ईंधन और दूरसंचार व वाहन जैसी सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। नागरिकों को केवल सही जानकारी दर्ज करनी है। जो लोग स्वगणना नहीं करेंगे, उनसे प्रगणक घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

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सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया के माध्यम से सटीक आंकड़े एकत्र करना है, ताकि विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। वहीं, उच्च पदाधिकारियों द्वारा शुरुआत किए जाने से आम जनता की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

Saurabh Negi

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