उत्तराखंड जनगणना: सबसे पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे स्वगणना, 10 अप्रैल से प्रक्रिया शुरू
उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार अभियान की शुरुआत राज्यपाल और मुख्यमंत्री अपने-अपने आवास की स्वगणना करके करेंगे। जनगणना निदेशालय ने इसके लिए व्यापक तैयारी कर ली है और डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार 10 अप्रैल से प्रदेश में स्वगणना शुरू होगी। इसी दिन निदेशालय की टीम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की स्वगणना कराएगी। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें।
जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य 25 अप्रैल से शुरू होगा, लेकिन इससे 15 दिन पहले ही स्वगणना की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। योजना के तहत सबसे पहले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आवासों की स्वगणना कराई जाएगी।
निदेशालय ने क्षेत्रीय कार्य के लिए प्रगणकों को तैयार कर लिया है। 25 अप्रैल से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान मकानों को नंबर दिए जाएंगे और आवश्यक विवरण दर्ज किया जाएगा। हालांकि जो लोग पहले ही स्वगणना कर लेंगे, उन्हें मकान नंबर जैसी जानकारी अलग से नहीं देनी होगी।
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अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। नागरिकों को केवल 33 सवालों के उत्तर देने होंगे, जो लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देंगे। यदि कोई व्यक्ति स्वगणना नहीं करता है, तो प्रगणक उसके घर जाकर वही जानकारी एकत्र करेंगे। वहीं, स्वगणना करने वालों के लिए केवल सत्यापन किया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।
