अब टिहरी-रुद्रप्रयाग-चमोली में फटा बादल, एक महिला की मौत

अब टिहरी-रुद्रप्रयाग-चमोली में फटा बादल, एक महिला की मौत

उत्तराखंड 29 अगस्त- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों में शुक्रवार तड़के बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी। रुद्रप्रयाग जिले के टेंडवाल गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 18 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में मकान ढहने से पति-पत्नी लापता हैं और दो लोग घायल हुए हैं। इस घटना में 20 से अधिक मवेशियों के दबे होने की भी खबर है।

रुद्रप्रयाग में नुकसान

जिले के छेनागाड़ डुगर और जौला बड़ेथ गांव में कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। किमाणा में खेतों और सड़कों पर बोल्डर और मलबा फैल गया। स्यूर गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त होने और वाहन बह जाने की सूचना है। जखोली ब्लॉक के बांगर और अन्य गांवों में गदेरे उफान पर आ गए।

चमोली में राहत कार्य

देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में ग्रामीण खुद राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। भारी बारिश और सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण बचाव दलों को दिक्कतें आ रही हैं। डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि डीडीआरएफ टीम और प्रशासनिक अमला प्रभावित इलाकों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। जिले में सुरक्षा की दृष्टि से सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

टिहरी में स्थिति

भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में बादल फटने से कृषि भूमि, पेयजल लाइन और विद्युत तंत्र को नुकसान पहुंचा है। हालांकि जनहानि की सूचना नहीं है। राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेज दी गई है।

सरकार की निगरानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम पर बातचीत कर प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सड़क, बिजली व पानी की आपूर्ति बहाल करने पर जोर दिया।

लगातार हो रही बारिश से कर्णप्रयाग में कालेश्वर क्षेत्र में घरों में मलबा घुस गया है। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सुभाषनगर में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बाधित हो गई है।

Saurabh Negi

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