उत्तराखंड में एक अप्रैल से नई बिजली दरों का प्रस्ताव, 18 फरवरी से जनसुनवाई

उत्तराखंड में एक अप्रैल से नई बिजली दरों का प्रस्ताव, 18 फरवरी से जनसुनवाई

उत्तराखंड में एक अप्रैल से नई बिजली दरें लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं और हितधारकों से सुझाव लेने के लिए 18 फरवरी से जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

यह प्रस्ताव राज्य की तीन बिजली कंपनियों की ओर से दाखिल टैरिफ याचिकाओं के बाद आया है। इन याचिकाओं में औसतन 18.50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 16.23 प्रतिशत बढ़ोतरी मांगी है। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड ने करीब तीन प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। वहीं पहली बार उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड ने माइनस 1.2 प्रतिशत का नकारात्मक टैरिफ संशोधन प्रस्तावित किया है।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने टैरिफ प्रस्तावों पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। उपभोक्ता और अन्य हितधारक 31 जनवरी तक अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जनसुनवाई गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के दो-दो शहरों में होगी। गढ़वाल मंडल में देहरादून और कर्णप्रयाग को चुना गया है। कुमाऊं मंडल में रुद्रपुर और मुनस्यारी में सुनवाई आयोजित की जाएगी।

पिछले वर्ष भी इसी तरह क्षेत्रीय स्तर पर जनसुनवाई की गई थी। तब गढ़वाल में देहरादून और गोपेश्वर शामिल थे। कुमाऊं में रुद्रपुर और लोहाघाट में सुनवाई हुई थी। आयोग ने व्यापक जनभागीदारी के लिए यह व्यवस्था जारी रखी है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने कहा कि कोई भी उपभोक्ता जनसुनवाई के दौरान अपनी आपत्ति या सुझाव रख सकता है। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों और प्रस्तुतियों की जांच के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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आयोग के निर्णय के बाद उत्तराखंड नई बिजली दरें एक अप्रैल से लागू की जाएंगी। इससे पहले जनसुनवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं की राय को शामिल किया जाएगा।

Saurabh Negi

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