उत्तराखंड में बिजली महंगी, अप्रैल बिल में एफपीपीसीए सरचार्ज से बढ़ोतरी

उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल महीने में ज्यादा बिल का सामना करना पड़ेगा। Uttarakhand Power Corporation Limited ने फ्यूल और पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत अतिरिक्त सरचार्ज लागू किया है, जिससे प्रति यूनिट 11 पैसे से 47 पैसे तक की बढ़ोतरी होगी।
अधिकारियों के अनुसार यह बढ़ोतरी पिछले महीने बिजली खरीद की लागत बढ़ने के कारण की गई है। नियामक नियमों के तहत स्वीकृत दर से अधिक खर्च होने पर यह अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं पर एफपीपीसीए के माध्यम से डाला जाता है, जबकि लागत कम होने पर राहत भी दी जाती है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी 11 से 31 पैसे प्रति यूनिट तक रहेगी। वहीं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में करीब 44 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि होगी। औद्योगिक उपभोक्ताओं, चाहे निम्न वोल्टेज हों या उच्च वोल्टेज, उन्हें करीब 40 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त देना होगा। निर्माण कार्यों के लिए अस्थायी कनेक्शन पर यह बढ़ोतरी सबसे अधिक, यानी 47 पैसे प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है।
यह सरचार्ज केवल मौजूदा बिलिंग चक्र पर लागू होगा, जबकि आगे की दरें बिजली खरीद के बाजार भाव पर निर्भर करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि कई बार मांग अधिक होने पर कंपनियों को खुले बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
मार्च महीने में कुछ श्रेणियों में प्रति यूनिट 1.27 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके मुकाबले अप्रैल की वृद्धि कम है। फिर भी हर महीने होने वाले इस तरह के समायोजन से उपभोक्ताओं पर खर्च का दबाव बना रहता है, खासकर घरेलू और छोटे व्यवसायों के लिए।
इसे भी पढ़ें – ऊधम सिंह नगर में हनीट्रैप गैंग सक्रिय, दो माह में तीन मामले सामने आए
एफपीपीसीए व्यवस्था देशभर में लागू है, जिसका उद्देश्य बिजली कंपनियों को लागत वसूली सुनिश्चित करना है। हालांकि, इसके चलते उपभोक्ताओं के बिल में हर महीने उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिससे स्थिर खर्च बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।




