टैरिफ प्रस्तावों में खामियां, विद्युत नियामक आयोग ने मांगे जवाब, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

टैरिफ प्रस्तावों में खामियां, विद्युत नियामक आयोग ने मांगे जवाब, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

उत्तराखंड – उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की तीन विद्युत कंपनियों के टैरिफ प्रस्तावों में कमियां पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड को 17 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

प्रस्तावों के अनुसार तीनों ऊर्जा निगमों ने औसतन करीब 18.50 प्रतिशत बिजली दर बढ़ाने का सुझाव दिया है। यूपीसीएल ने 16.23 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। पिटकुल ने लगभग तीन प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की है। वहीं यूजेवीएनएल ने माइनस 1.2 प्रतिशत का नकारात्मक टैरिफ प्रस्ताव दिया है। यह अब तक का पहला ऐसा मामला माना जा रहा है।

नियमों के तहत यूजेवीएनएल और पिटकुल ने 30 नवंबर से पहले अपने प्रस्ताव जमा किए थे। यूपीसीएल ने अपना प्रस्ताव करीब 9 दिसंबर को दिया। प्रारंभिक जांच के बाद आयोग ने कई बिंदुओं पर सवाल उठाए और कंपनियों से स्पष्ट जानकारी देने को कहा।

आयोग के अनुसार आवश्यक जानकारियां मिलने के बाद टैरिफ याचिकाओं को औपचारिक रूप से दर्ज किया जाएगा। इसके बाद फरवरी में जनसुनवाई कराई जाएगी। इस दौरान उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी तथ्यों और सुझावों के विश्लेषण के बाद वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए संशोधित बिजली दरें अधिसूचित की जाएंगी। ये नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।

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आयोग यूजेवीएनएल के नकारात्मक टैरिफ प्रस्ताव की भी गहन समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव सामान्य प्रक्रिया से अलग है। अंतिम निर्णय से पहले सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

Saurabh Negi

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