उत्तराखंड में प्रधानाचार्य भर्ती पर नया फैसला, विभागीय सीधी भर्ती से होंगे चयन

उत्तराखंड में प्रधानाचार्य भर्ती पर नया फैसला, विभागीय सीधी भर्ती से होंगे चयन

देहरादून: उत्तराखंड सरकार सरकारी इंटर कॉलेजों में खाली पड़े प्रधानाचार्य के पदों को भरने के लिए विभागीय सीधी भर्ती का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने जा रही है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि लंबे समय से कोर्ट में अटकी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अब प्रवक्ताओं के साथ-साथ सहायक अध्यापक (एलटी) भी प्रधानाचार्य पद के लिए पात्र होंगे।

प्रदेश में 1101 प्रधानाचार्य पद खाली

वर्तमान में प्रदेश के 1385 सरकारी इंटर कॉलेजों में से 1101 प्रधानाचार्य के पद खाली पड़े हैं, जिससे शैक्षिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी तरह, प्रधानाध्यापक के 910 पदों में से केवल 122 पद भरे गए हैं, जबकि 788 पद लंबे समय से रिक्त हैं।

सरकार ने पहले विभागीय सीधी भर्ती के माध्यम से 692 प्रधानाचार्य पदों को भरने का निर्णय लिया था, जिसमें 50 वर्ष तक के प्रवक्ताओं को पात्र माना गया था। हालांकि, इसमें सहायक अध्यापक (एलटी) शिक्षकों को शामिल नहीं किए जाने के कारण शिक्षकों में नाराजगी रही और यह मामला कोर्ट में चला गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी।

शिक्षकों का कहना है कि प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के माध्यम से भर्ती होनी चाहिए, न कि सीधी भर्ती से। वहीं, कुछ शिक्षकों की मांग है कि सहायक अध्यापक (एलटी) को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

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शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अब प्रधानाचार्य पदों को भरने के लिए विभागीय सीधी भर्ती की जाएगी, जिसमें सहायक अध्यापक (एलटी) को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों के लिए कम से कम 10 से 15 वर्ष की सेवा अनिवार्य होगी।

 

Saurabh Negi

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