उत्तराखंड के स्कूलों में हर शनिवार पढ़ाई जाएगी स्थानीय राजाओं की इतिहास गाथा

उत्तराखंड में छात्रों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत अब सभी स्कूलों में हर शनिवार को प्रदेश के गौरवशाली राजाओं का इतिहास पढ़ाया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर लिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को वासुदेव कत्यूरी, कनकपाल, अजयपाल, प्रद्युम्न शाह, सोमचंद और ज्ञानचंद जैसे प्रमुख शासकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को उनके साहस, नेतृत्व और समाज में दिए गए योगदान से परिचित कराना है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक Dr. Mukul Kumar Sati ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जिसमें छात्रों को भारत की समृद्ध परंपराओं और ज्ञान से जोड़ने पर जोर दिया गया है। यह नीति केवल तथ्यों तक सीमित न रहकर मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता के विकास पर भी बल देती है।
निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में शनिवार को अंतिम पीरियड में 30 मिनट का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। शिक्षकों को यह सामग्री सरल और रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए कहा गया है, ताकि छात्र इसे आसानी से समझ सकें।
इसके साथ ही समय-समय पर प्रश्नोत्तरी और प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया है, जिससे छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो और विषय के प्रति रुचि बढ़े। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
इस पाठ्यक्रम में कत्यूरी वंश की स्थापना, अजयपाल द्वारा गढ़वाल के 52 गढ़ों का एकीकरण और गोरखा आक्रमणों के खिलाफ प्रद्युम्न शाह के संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहलुओं को शामिल किया जाएगा। साथ ही कुमाऊं के चंद वंश के शासकों जैसे सोमचंद, बाज बहादुर चंद और ज्ञानचंद के योगदान पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
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विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस कार्यक्रम को इसी सप्ताह से लागू किया जाए और ब्लॉक व जिला स्तर पर इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।




