दिन में उद्योगों को 20% सस्ती बिजली, पीक ऑवर में महंगी दरें लागू करने का प्रस्ताव

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने उद्योगों और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नई टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत दिन के समय बिजली सस्ती और पीक ऑवर में महंगी होगी। आयोग ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट कॉन्सेप्ट पेपर जारी किया है और 31 जनवरी तक सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।
प्रस्ताव का उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और बिजली मांग का बेहतर प्रबंधन करना है। विद्युत उपभोक्ता अधिकार संशोधन नियम, 2023 के तहत दिन के आठ घंटे को सोलर ऑवर के रूप में चिह्नित किया जाएगा। इस अवधि में बिजली दरें सामान्य टैरिफ से कम से कम 20 प्रतिशत सस्ती होंगी। वहीं पीक ऑवर में उद्योगों और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 20 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि की जा सकती है।
UERC के अनुसार अब तक राज्य में TOD टैरिफ के तहत सोलर और नॉन-सोलर ऑवर के बीच स्पष्ट अंतर नहीं किया गया था। स्मार्ट मीटर और रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती संख्या के कारण बिजली खपत के पैटर्न में बदलाव आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय आधारित टैरिफ प्रणाली को आवश्यक बताया गया है।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने अगस्त 2024 से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी। योजना के अनुसार हाई टेंशन उपभोक्ताओं के लिए जुलाई 2025 तक और लो टेंशन उपभोक्ताओं के लिए जून 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम TOD टैरिफ स्मार्ट मीटर से प्राप्त वास्तविक खपत आंकड़ों के आधार पर तय किया जाएगा।
कॉन्सेप्ट पेपर में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की TOD टैरिफ प्रणालियों का भी अध्ययन किया गया है। इन राज्यों में सोलर ऑवर के दौरान कम और पीक डिमांड के समय अधिक बिजली दरें लागू हैं। आयोग ने सोलर ऑवर की समय-सीमा, पीक और ऑफ-पीक ऑवर, टैरिफ ढांचे और केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप व्यवस्था पर सुझाव आमंत्रित किए हैं।



