उत्तरकाशी के मनेरा में बदस्तूर जारी अवैध खनन, नाममात्र की कार्रवाई की गई

उत्तरकाशी के मनेरा में बदस्तूर जारी अवैध खनन, नाममात्र की कार्रवाई की गई

उत्तरकाशी: गंगा (भागीरथी) के मायके कहे जाने वाले उत्तरकाशी में अवैध खनन बदस्तूर जारी है। खनन माफिया बेखौफ होकर नदी को छलनी करने में लगा हुआ है, जिससे गंगा को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। शुक्रवार की सुबह से लेकर शाम तक मनेरा क्षेत्र में अवैध खनन बेधड़क चलता रहा। गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई केवल सड़क किनारे तक ही सीमित रही।

टीम ने सड़क किनारे मौजूद कुछ अवैध खनन के ढेर को जेसीबी से हटाया, जिसे 438 टन के करीब आंका गया। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खनन सामग्री न तो जब्त की गई और न ही उसकी नीलामी की कोई प्रक्रिया शुरू हुई। खनन माफिया की पहुंच इतनी मजबूत है कि राजस्व विभाग की टीम भी पूरी तरह से लाचार नजर आई। अधूरी कार्रवाई के बाद टीम बिना कोई ठोस कदम उठाए वापस लौट गई।

भागीरथी में बेखौफ हो रहा अवैध खनन
उत्तरकाशी जिले के गंगोरी से लेकर मनेरा तक भागीरथी नदी में अवैध खनन जोरों पर है। गंगोरी, तेखला, मांडो, तिलोथ और मनेरा में हर दिन करीब 300 खच्चरों के जरिए अवैध खनन किया जा रहा है। यहां तक कि सीएम पोर्टल और पीएम पोर्टल पर शिकायतें होने के बावजूद, इस ईको-सेंसिटिव जोन में अवैध खनन पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है।

गुरुवार की शाम तहसीलदार सुरेश सेमवाल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मनेरा पहुंची। सड़क किनारे अवैध खनन के भंडारण को हटाने के लिए कुछ प्रयास किए गए, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, एक माननीय जनप्रतिनिधि के फोन के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बावजूद, भागीरथी के किनारे राजस्व और सिंचाई विभाग की जमीन पर हजारों मीट्रिक टन अवैध खनन का भंडारण बना हुआ है, जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

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खनन माफिया के आगे लाचार प्रशासन
शुक्रवार की सुबह से शाम तक ट्रकों और खच्चरों के जरिए अवैध खनन की सप्लाई लगातार जारी रही। तहसीलदार सुरेश सेमवाल ने बताया कि मनेरा में सड़क किनारे अवैध खनन के भंडारण को हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन समय की कमी के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी में सीमित संसाधनों के कारण अवैध खनन को रोकना एक बड़ी चुनौती है।

सेमवाल ने उच्च अधिकारियों को टास्क फोर्स गठित करने का प्रस्ताव भी भेजा है ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके। गंगोरी, तेखला, उजेली, मांडो, तिलोथ और मनेरा में अवैध खनन की स्थिति एक जैसी है। टीम एक जगह कार्रवाई करती है तो खच्चर चालक दूसरी जगह पहुंचकर खनन करना शुरू कर देते हैं। यह एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

Source – दैनिक जागरण

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