उत्तरकाशी केदारघाट: अधजले शवों को कुत्तों द्वारा नोचने का मामला, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

उत्तरकाशी केदारघाट: अधजले शवों को कुत्तों द्वारा नोचने का मामला, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

उत्तरकाशी के केदारघाट में एक बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहां भागीरथी नदी किनारे अधजले मानव अवशेषों को आवारा कुत्तों द्वारा नोचने की घटनाएं देखी गई हैं। इस मामले ने श्मशान घाट की स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही स्थानीय लोगों में भय का माहौल भी बना हुआ है।

गंगा विचार मंच से जुड़े लोगों के अनुसार यह समस्या अंतिम संस्कार के बाद अवशेषों के उचित प्रबंधन न होने से उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि कई मामलों में शव पूरी तरह नहीं जल पाते और उनके अवशेष खुले में रह जाते हैं, जिससे कुत्ते वहां इकट्ठा होकर उन्हें नोचने लगते हैं। इससे न केवल लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा का खतरा भी बढ़ रहा है।

संस्था के प्रदेश संयोजक लोकेन्द्र बिष्ट ने बताया कि ऐसी स्थिति पहले भी महामारी के दौरान देखने को मिली थी, लेकिन सामान्य हालात में भी यह समस्या जारी रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि केदारघाट क्षेत्र में कुत्तों के झुंड अक्सर दिखाई देते हैं और वे खुले पड़े अवशेषों को खा रहे हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि मानव अवशेष खाने के बाद कुत्तों का व्यवहार आक्रामक हो गया है और वे लोगों पर हमला कर रहे हैं। हाल ही में क्षेत्र में कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लगभग 18 लोग घायल हुए बताए जा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने श्मशान घाट पर नियमित सफाई, अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था और आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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यह मामला न केवल श्मशान प्रबंधन की खामियों को उजागर करता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

Saurabh Negi

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