विष्णुगाड-पीपलकोटी सुरंग हादसे के बाद THDC करेगी सभी सुरक्षा प्रणालियों की समीक्षा, जांच समिति गठित

चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में लोको ट्रेन हादसे के बाद टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने परियोजना की सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा का निर्णय लिया है। इस संबंध में कंपनी ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया है।
यह हादसा 30 दिसंबर को सुरंग के भीतर हुआ था। लोको ट्रेन की टक्कर में करीब 70 श्रमिक और कर्मचारी घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद 61 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। शुरुआत में आठ कर्मियों को भर्ती रखा गया था। उपचार के बाद तीन को छुट्टी दे दी गई है और गुरुवार तक पांच कर्मी अस्पताल में भर्ती हैं। टीएचडीसी ने कहा है कि सभी भर्ती कर्मियों को पूर्ण चिकित्सीय सुविधा कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है।
परियोजना के महाप्रबंधक अजय वर्मा ने बताया कि हादसे को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा प्रणालियों को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी लगभग तीन किलोमीटर सुरंग निर्माण कार्य शेष है और कार्यदायी संस्था को सभी सुरक्षा मानकों, वैधानिक प्रावधानों और मानक संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे के बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सुरंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीबीएम क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई और दुर्घटना के कारणों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
घटना के बाद सुरंग में निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। चमोली जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने टीबीएम साइट का निरीक्षण किया है। वहीं, एसडीएम चमोली राजकुमार पांडेय द्वारा आगे निरीक्षण किया जाएगा। मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होने तक सुरंग में टीबीएम और मैनुअल कार्य बंद रहेगा।
टीएचडीसी अधिकारियों के अनुसार हादसे में शामिल लोको ट्रेन का ऑपरेटर हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी था, जिसने एक माह पहले ही परियोजना में कार्यभार संभाला था। उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर उसे जांच पूरी होने तक स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है।



