राज्य में चुनाव् के लिए 13 हजार 250 वाहनों का अधिग्रहण – अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी

राज्य में चुनाव् के लिए 13 हजार 250 वाहनों का अधिग्रहण – अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि परिवहन विभाग द्वारा निर्वाचन कार्य के लिए बड़ी संख्या में वाहनों का अधिग्रहण किया जाता है। लोक सभा सामन्य निर्वाचन 2024 के लिए राज्य में जनपदों की आवश्कता के अनुसार 13 हजार 250 वाहनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वायड और एसएसटी के लिए 03 हजार 860 वाहन एवं पोलिंग पार्टियों की व्यवस्था के लिए 09 हजार 190 वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। टैक्सी और मैक्सी श्रेणी के राज्य में पंजीकृत 56598 वाहनों में से केवल 07 हजार 535 वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। 06 हजार 526 पंजीकृत बसों और मिनी बसों में से 3500 वाहनों का ही अधिग्रहण किया जा रहा है। निर्वाचन ड्यूटी में जो वाहन चालक और परिचालक ड्यूटी में तैनात रहेंगे। उनका मतदान करवाने के लिए उन्हें डाक मतपत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी तक 08 हजार 783 वाहन चालकों और परिचालकों को डाक मतपत्र के लिए फार्म 12 उपलब्ध कराया गया था, उनमें से 08 हजार 675 के द्वारा सही प्रारूप पर फार्म भरकर उपलब्ध कराया गया है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन के लिए जितने भी वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, उन सभी में जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था की जा रही है। 10 हजार 91 वाहन मतदान दिवस पर प्रयोग होंगे। अभी तक 2600 वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था की जा चुकी है। मतदान के लिए प्रयुक्त होने वाले सभी वाहनों में मतदान से 02 दिन पूर्व तक जीपीएस इंस्टॉल करने की कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी। इसके अनुश्रवण के लिए राज्य और जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी बनाये गये हैं। सकुशल मतदान संपन्न कराने के लिए अपने रूट प्लान के हिसाब से पोलिंग पार्टियां प्रवास और यात्रा करेंगे, वाहनों में जीपीएस होने से निगरानी करने में मदद मिलेगी। यदि कोई वाहन निर्धारित रूट से अन्यत्र रूट का प्रयोग करता है, तो इसकी जानकारी भी प्राप्त होती रहेगी।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पोलिंग पार्टियों को मतदान के तीन दिन पूर्व से मतदान के एक दिन पूर्व तक पोलिंग बूथों के लिए प्रस्थान करना होता है। इन सभी पोलिंग पार्टियों को कई बार अपना बिस्तर और अन्य सामग्री अपने साथ ले जानी पड़ती है, जिससे उनको असुविधा होती है। इन असुविधाओं को देखते हुए राज्य में पहली बार प्रयास किया जा रहा है कि जनपदों में जितने भी पोलिंग स्टेशन हैं, पोलिंग पार्टियों के लिए बैड और बिस्तर की व्यवस्था जनपद की टीम द्वारा की जायेगी। इसके लिए सभी जनपदों को निर्देश दिये गये हैं। सभी को यह भी निर्देश दिये गये हैं कि ये व्यवस्थाएं पंचायतों से, स्वयं सहायता समूहों से या स्थानीय स्तर पर कर सकते हैं। इसके लिए सभी जनपदों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी गई है।

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