देहरादून: नवंबर से एप के माध्यम से होगी कूड़ा निस्तारण और सेप्टेज प्रबंधन की निगरानी

देहरादून में नगर पालिका ने शहर के भवनों पर यूनिक आईडी प्लेट लगाने का 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। नवंबर से एप के माध्यम से कूड़ा निस्तारण, छंटाई और सेप्टेज प्रबंधन की व्यवस्था की निगरानी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही आवासीय और व्यावसायिक भवनों को अब डिजिटल भवन नंबर भी मिल गया है। यह नई व्यवस्था कूड़ा निस्तारण और सेप्टेज टैंक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाएगी।
नगर पालिका विकासनगर के अधिशासी अधिकारी बीपी भट्ट ने जानकारी दी कि नगर पालिका क्षेत्र में 6400 भवन हैं, जिनमें से 4500 आवासीय और 1900 व्यावसायिक हैं। इस क्षेत्र से प्रतिदिन 15 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्रित किया जाता है। जबकि आवासीय भवनों से 70 फीसदी और व्यावसायिक भवनों से 40 फीसदी कूड़ा ही निकलता है। इसके अलावा, सेप्टेज प्रबंधन की जिम्मेदारी अब नगर पालिका और जलसंस्थान विभाग के पास है।
इसे भी पढ़ें – छात्रों को कॉलेजे में प्रवेश का एक और अवसर, फिर खुलेगा समर्थ पोर्टल
डिजिटल सर्वे के तहत भवनों पर यूनिक आईडी नंबर और क्यूआर कोड प्लेट्स लगाए जा रहे हैं। अब एप के माध्यम से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी इन क्यूआर कोड्स को स्कैन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कूड़ा गीला और सूखा अलग-अलग दिया गया है या नहीं। इससे नगर पालिका को उन भवनों की पहचान करने में मदद मिलेगी जो मिश्रित कूड़ा दे रहे हैं। इसके अलावा, क्यूआर कोड के जरिए सेप्टिक टैंक भरने की स्थिति की भी जानकारी मिल सकेगी, जिससे समय पर टैंक खाली करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
नई व्यवस्था नवंबर के पहले सप्ताह से लागू कर दी जाएगी, जो कूड़ा निस्तारण और सेप्टेज प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगी।