गुलर घाटी अन्न भंडारण में गड़बड़ी मामले में एसएमओ निलंबित ?

गुलर घाटी अन्न भंडारण में गड़बड़ी मामले में एसएमओ निलंबित ?

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रशासनिक टीम के साथ गुलर घाटी अन्न भंडारण का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मिक्स इंडिकेटर मैथर्ड से किए गए परीक्षण में क्विंटलों अनाज के सैंपल फेल हो गए। इसके अलावा, रखरखाव व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी और अनाज भंडारण में लापरवाही उजागर हुई। डीएम ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) विष्णु प्रसाद त्रिवेदी को निलंबित करने और सहायक विपणन अधिकारी (एआरओ) अजय रावत को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।

गंभीर अनियमितताओं पर जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए उत्तरांचल सरकारी सेवक नियमावली-2003 के तहत दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

अन्न भंडारण में लापरवाही के गंभीर आरोप
एसएमओ विष्णु प्रसाद त्रिवेदी को भंडारण, खरीद, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया है। वहीं, एआरओ अजय रावत पर बिना गुणवत्ता जांच किए अनाज के वितरण की लापरवाही का आरोप लगा है।

खराब गुणवत्ता का अनाज लोगों को वितरित
नकरौंदा स्थित अन्न भंडार से गढ़वाल क्षेत्र, सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए अनाज आपूर्ति की जाती है। अनाज की गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए डीएम ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है।

भंडारण व्यवस्था में भारी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं:

  • भंडारण की अनुचित व्यवस्था: अनाज को नमी और कीटों से बचाने के लिए जरूरी रैक और रैट ट्रैप नहीं पाए गए।

  • वजन में गड़बड़ी: गेहूं के बोरों का औसतन वजन 43 किलोग्राम और चावल के बोरों का वजन 47 किलोग्राम था, जबकि नियमानुसार 50.5 किलोग्राम होना चाहिए।

  • स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी: स्टॉक रजिस्टर अपूर्ण, बिना हस्ताक्षर और असंगत आंकड़ों से भरा पाया गया।

  • स्टैक कार्ड्स गायब: अनाज के स्टैक पर स्टैक कार्ड्स या तो नहीं थे या उन पर जरूरी जानकारी दर्ज नहीं थी।

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फिफो नियमों का उल्लंघन
फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट (FIFO) नियम, जो कि अनाज भंडारण का एक अनिवार्य मानक है, का पालन नहीं किया गया। न तो संबंधित रजिस्टर रखे गए और न ही सबसे पहले आए अनाज को पहले वितरित किया गया।

गुणवत्ता जांच में बड़ा खुलासा
चावल के 61 नमूने लिए गए, जिनमें से 26 नमूने फेल पाए गए और इन्हें रद्द श्रेणी में घोषित किया गया। भारतीय खाद्य निगम की SOP के तहत यह स्पष्ट रूप से गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन है।

डीएम ने दिए सख्त निर्देश
डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि अन्न भंडारों में अनाज की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में अनियमितताओं को रोकने के लिए लगातार निरीक्षण किया जाएगा।

Saurabh Negi

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