मानसून में भी कौसानी के चाय बागान में उमड़े पर्यटक, आठ महीने में लगभग 22000 लोग पहुंचे

मानसून में भी कौसानी के चाय बागान में उमड़े पर्यटक, आठ महीने में लगभग 22000 लोग पहुंचे

कौसानी के चाय बागान मानसून के दौरान भी पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। अप्रैल से अगस्त तक चाय बोर्ड के चाय बागान और कारखाने में 22,696 पर्यटक पहुंचे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से पर्यटक यहां पहुंचे हैं। बारिश के बाद हरियाली, बादलों के बीच हिमालय का नजारा और चाय की खुशबू पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

चाय कारखाने में अप्रैल से जुलाई के बीच 16,696 टिकट बिके। 25 रुपये के प्रवेश शुल्क के हिसाब से इस अवधि में टिकट से 4.17 लाख रुपये से अधिक की आय हुई। जून में सबसे अधिक 7,257 टिकट बिके, जबकि मई में 6,142 और अप्रैल में 2,497 टिकटों की बिक्री हुई। जुलाई में करीब 800 पर्यटकों ने चाय कारखाने के लिए टिकट खरीदे।

बारिश के बावजूद पर्यटन गतिविधियां जारी

मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और उमस के बीच पर्यटक ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। बारिश के कारण कौसानी के आसपास की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता बढ़ गई है। चाय के बागान और आसपास का शांत वातावरण पर्यटकों को खासा पसंद आ रहा है। यही वजह है कि मानसून के दौरान भी यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है।

सितंबर में भी कौसानी में पर्यटकों की आवाजाही जारी है। इस महीने अब तक करीब 1,800 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि मानसून के कारण पर्यटन गतिविधियों पर अपेक्षित असर नहीं पड़ा है। मौसम में सुधार के साथ आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

चाय बागान में चाय उत्पादन के साथ खरीदारी भी

चाय बोर्ड का परिसर अब केवल चाय उत्पादन देखने तक सीमित नहीं है। पर्यटक यहां चाय बागान घूमने के साथ चाय तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी भी ले रहे हैं। प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के साथ पर्यटक स्थानीय स्तर पर तैयार चाय की विभिन्न किस्मों की खरीदारी भी कर रहे हैं।

पर्यटक जैविक हरी चाय, काली चाय और अन्य किस्मों को खरीद रहे हैं। चाय के बागान, शांत वातावरण और चाय की खुशबू मिलकर यहां आने वाले पर्यटकों के लिए अलग अनुभव तैयार कर रहे हैं। इससे चाय बागान कौसानी के पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।

चाय बोर्ड के प्रबंधक प्रमोद कुमार ने बताया कि पर्यटक लगातार चाय बागान और कारखाने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक घूमने के साथ चाय की विभिन्न किस्मों की खरीदारी भी कर रहे हैं।

सितंबर से शीतकालीन पर्यटन की तैयारी

बागेश्वर के जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि 15 सितंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन पर्यटन सत्र की तैयारियां की जा रही हैं। मौसम साफ होने के साथ कौसानी में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। अक्टूबर और नवंबर में पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है।

कौसानी पर्यटन के प्रमुख आंकड़े

  • अप्रैल से अगस्त तक 22,696 पर्यटक पहुंचे।
  • अप्रैल से जुलाई तक 16,696 टिकट बिके।
  • जून में सबसे अधिक 7,257 टिकट बिके।
  • मई में 6,142 टिकट की बिक्री हुई।
  • अप्रैल से जुलाई तक टिकट से 4.17 लाख रुपये से अधिक की आय हुई।
  • सितंबर में अब तक करीब 1,800 पर्यटक पहुंचे।
  • चाय कारखाने का प्रवेश शुल्क 25 रुपये है।कौसानी चाय बागान

Saurabh Negi

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