एम्स ऋषिकेश में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ की शुरुआत, पर्यावरण संरक्षण पर जोर

ऋषिकेश, 17 सितंबर – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान के अंतर्गत संस्थान ने स्वच्छता कार्यक्रमों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया।
अगले दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान का उद्घाटन करते हुए एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि एम्स द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है, बल्कि एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता के प्रति जागरूक होने और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान एम्स के उच्चाधिकारियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने स्वच्छता और वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया, ताकि पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। इसके साथ ही आस्था पथ पर सार्वजनिक सफाई अभियान भी चलाया गया, जहां अभियान के सदस्यों ने सफाई करते हुए ठोस और गीले अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूकता फैलाई।
इस कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. पूजा भदौरिया ने बताया कि स्वच्छता अभियान के दौरान आस्था पथ पर कूड़ेदान रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि स्वच्छता के प्रयासों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल सफाई पर केंद्रित है, बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में की गई थी। इस अवसर पर एम्स के डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, डीएमएस डॉ. भारत भूषण, और नर्सिंग अधिकारी सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।