इस वर्ष उत्तराखंड के निजी कॉलेजों में नहीं चल पाएगा चार वर्षीय बीएड कोर्स

इस वर्ष उत्तराखंड के निजी कॉलेजों में नहीं चल पाएगा चार वर्षीय बीएड कोर्स

उत्तराखंड  में 12वीं के बाद बीएड का चार वर्षीय इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम निजी कॉलेजों में शुरू नहीं हो पाएगा। कॉलेजों ने एनसीटीई में आवेदन तो किया, लेकिन राज्य सरकार ने किसी भी कॉलेज को एनओसी नहीं दी है। एसोसिएशन ऑफ का सेल्फ फाइनेंस्ड इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने प्रदेश के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, प्रदेश के निजी कॉलेजों में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम इस साल शुरू नहीं हो पाएगा। कहा, प्रदेश में उक्त प्रोग्राम के लिए किसी निजी कॉलेज को एनओसी नहीं दी गई है। इससे पहले जब नई एजुकेशन पॉलिसी अस्तित्व में आई थीं, तब भी इस कोर्स के लिए कई निजी कॉलेजों ने आवेदन किए थे। लेकिन, इसकी एनओसी नहीं दी गई थी। प्रदेश में एकमात्र निजी पेसलवीड कॉलेज में चार वर्षीय कोर्स संचालित हो रहा है। बताया, जब यहां कोर्स शुरू हुआ था, तब राज्य सरकार की एनओसी का प्रावधान नहीं था। कहा, प्रदेश के अधिकारियों के कारण ही निजी स्तर पर डीएलएड कोर्स भी शुरू नहीं हो पाया है। जिस वजह से यहां के युवाओं को अन्य प्रदेशों में जाना पड़ता है।

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उन्होंने मांग की कि चूंकि अब प्राथमिक शिक्षक भर्ती में डीएलएड ही अनिवार्य है, इसलिए सरकार यूपी की तर्ज पर निजी कॉलेजों में भी इस कोर्स को संचालित करने के लिए एनओसी दे। इसके अलावा चार वर्षीय टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के लिए भी निजी कॉलेजों को एनओसी जारी की जाए।

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