भाजपा और कांग्रेस की क्या है तैयारियां इस बार उत्तराखंड के चुनाव में

भाजपा और कांग्रेस की क्या है तैयारियां इस बार उत्तराखंड के चुनाव में

भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इसी माह आखिर में गढ़वाल और कुमाऊं का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान उनकी सभाएं भी होंगी। पार्टी यह मानकर चल रही है कि मार्च के दूसरे हफ्ते तक लोकसभा चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। इस संभावना को देखते हुए अगले 15 दिनों के दौरान कई केंद्रीय नेताओं के उत्तराखंड में दौरे हो सकते हैं। पार्टी कुछ बड़े सम्मेलन कराने की तैयारी में भी है, जिनमें केंद्रीय नेताओं को आमंत्रित किया जा सकता है।  अगले 15 से 20 दिन में पार्टी अपने प्रत्याशी घोषित कर सकती है। वहीं राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शीर्ष नेताओं का मंत्र लेकर उत्तराखंड के 250 प्रतिनिधि विकसित भारत के लिए मोदी फिर से, का नारा बुलंद करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का प्रेरित करेंगे। अगले 100 दिनों में भाजपा के हर नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता के पास सबसे मुख्य कार्य होगा कि वे केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के हर लाभार्थी तक पहुंचें । साथ ही फर्स्ट टाइम वोटर यानी नव मतदाता तक अपनी पहुंच बनाएं ताकि उन्हें केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार की उपलब्धियों और भावी संकल्पों के बारे में जागरूक कर सकें।

तकरार से परहेज, उपलब्धियों से वार
अलग-अलग बैठकों व मंत्रणाओं सभी प्रतिनिधियों को यह नसीहत दी गई है कि वे अगले 100 दिन विपक्ष की तू- तू, मैं-मैं की तकरार में नहीं फंसेंगे। दस वर्ष में केंद्र सरकार की उपलब्धियां पार्टी का मुख्य चुनावी हथियार होगा।

इन प्रमुख उपलब्धियों का होगा प्रचार
लोकसभा चुनाव में लाभार्थी योजना से क्या बदला, अयोध्या में राम मंदिर, अनुच्छेद 370 हटाया, कर्तव्यपथ, नई संसद, तीन तलाक, वन रैंक वन पेंशन, विदेश नीति, दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर प्रचार करेगी।

नेता व पदाधिकारी हर बूथ पर पहुंचेगा
शीर्ष नेताओं के निर्देश के बाद पार्टी का हर नेता व कार्यकर्ता प्रत्येक 30 दिन में अपने आसपास के हर बूथ में जाएगा और पन्ना प्रमुख से मिलेगा।

ज्वाइनिंग अभियान तेज होगा
प्रदेश में पार्टी ने दूसरे दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने का जो अभियान शुरू किया है, उसमें तेजी आएगी। पार्टी जनाधार वाले नेताओ के साथ अब अपने समाज, समुदाय, संगठन में प्रभाव रखने वाले लोगों को पार्टी में शामिल कराएगी ।

35 दावेदारों के नामों पर दिल्ली में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में चर्चा
दूसरी तरफ पांचों लोकसभा सीटों पर 35 दावेदारों के नामों पर दिल्ली में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। हरिद्वार लोकसभा सीट से हरीश रावत 2009 में सांसद रह चुके हैं। इसके बाद लगातार दो बार से भाजपा इस सीट पर अजेय रही है। हरिद्वार से टिकट को लेकर ना-ना करते हुए हरीश रावत की इस सीट पर दावेदारी चौंकाने वाली है। बेटे वीरेंद्र रावत ने भी पिता के साथ इस सीट पर दावेदारी पेश की है।

वहीं सूत्रों के मुताबिक, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ सीट पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा कि ऐसा उन्होंने इस लोकसभा का बड़ा दायरा होने के साथ ही यहां लंबे समय से सक्रिय न होने के आधार पर किया है।

स्थानीय मुद्दों और हालात पर चर्चा 

वहीं, पार्टी टिहरी में प्रीतम सिंह, पौड़ी में गणेश गोदियाल, नैनीताल लोकसभा सीट पर करन माहरा को भी मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भगत चरण दास की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, सदस्य यशोमती ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के बीच 35 दावेदारों पर चर्चा हुईं।

पांचों लोस सीटों पर पांच-पांच दिन प्रवास करेंगे माहरा
आगामी लोस चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा पांचों लोकसभा सीटों पर पांच-पांच दिन का प्रवास करेंगे। इस दौरान जिला, ब्लाक और बूथ कमेटियों के साथ बैठकें कर चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेंगे। कार्यकर्ताओं को बूथ मजबूत करने के निर्देश देंगे। कांग्रेस पार्टी लोस चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी के दौरे के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा पार्टी की तैयारियों को परखेंगे। इसके लिए हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा लोस क्षेत्रों में पांच-पांच दिन कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे, जिसमें चुनावी तैयारियों पर कार्यकर्ताओं को फीडबैक लेने के साथ कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष मथुरादत्त जोशी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष का पांचों लोकसभा सीटों पर कार्यक्रम तय किया जा रहा है, जिसमें वे प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में पांच दिन रहेंगे। चुनाव में जीत के लिए पार्टी का प्रत्येक बूथ को मजबूत करने पर फोकस है। जिसके लिए बूथ स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

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