कनासर रेंज और पुरोला टौंस वन प्रभाग में सैकड़ों हरे पेड़ों को काटने के मामले में केंद्र ने तलब की रिपोर्ट

कनासर रेंज और पुरोला टौंस वन प्रभाग में सैकड़ों हरे पेड़ों को काटने के मामले में केंद्र ने तलब की रिपोर्ट

देहरादून जिले के चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज और उत्तरकाशी जिले के पुरोला टौंस वन प्रभाग में बड़े पैमाने पर काटे गए संरक्षित प्रजाति के देवदार और कैल के पेड़ों के मामले का केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है। इस मामले में केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। दोनों वन प्रभागों में बड़े पैमाने पर देवदार और कैल प्रजाति के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आने के बाद कई स्तरों पर जांच हो चुकी है, जबकि मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति चकराता और डीएफओ स्तर पर पुरोला में जांच जारी है।

शिकायती पत्र केंद्र सरकार को था भेजा
दोनों ही मामलों में अब तक 23 से भी ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों पर निलंबन या अटैचमेंट की कार्रवाई हो चुकी है। इन दोनों ही मामलों में अमर उजाला ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं। इसके बाद पर्यावरणविद सुरेश भाई ने अमर उजाला की इन खबरों की कटिंग के साथ एक शिकायती पत्र केंद्र सरकार को भेजा था।

जिसमें उन्होंने पूरे मामले में अब तक हुई कार्रवाई से अवगत कराने का भी अनुरोध किया था, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया। अब वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहायक वन महानिरीक्षक (वन सुरक्षा) डॉ. शोभिता अग्रवाल ने उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

इसमें कहा गया कि पूरे मामले की जांच के साथ ही मौजूदा अधिनियमों, नियमों और विनियमों के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट यथाशीघ्र मंत्रालय को उपलब्ध कराई जाए। मंत्रालय का पत्र प्राप्त होने के बाद जहां एक ओर वन विभाग में हड़कंप की स्थिति है, वहीं आरोपी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

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